कोटला – स्वयंम
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा पठानकोट – मंडी फोरलेन निर्माण सड़क के चलते ग्राम पंचायत कोटला के गांव नेरा के बाशिदो का पुश्तैनी आवागमन का रास्ता ही बंद हो गया है। और फोरलेन सड़क का कार्य पूर्ण होने तक भविष्य के लिए चारों तरफ से रास्ते कट जाने के चलते नेरा गांव टापू बनकर रह जाएगा।
फोरलेन से नेरा गांव के लिए संपर्क मार्ग की मांग को लेकर शनिवार को ग्रामीणों में संकेतिक रूप से विरोध प्रदर्शन कर अपनी तकलीफ प्रशासन तथा फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी के ध्यान में लाई।
जिसमे 38 ग्रामीणों के हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र एसडीएम ज्वाली विचित्र सिंह ठाकुर को प्रेषित कर लोगों ने मांग उठाई है कि वह फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी को आदेश पारित करें की कंपनी नेरा गांव के बाशिंदों के लिए फोरलेन से संपर्क मार्ग बनाकर दे।
ताकि ग्रामीणों को आवागमन की असुविधा न हो। और एंबुलेंस से लेकर सभी आवश्यक यातायात सुविधाएं बहाल रहे।
उपमंडल अधिकारी नागरिक विचित्र सिंह ठाकुर के बोल
उपमंडल अधिकारी नागरिक विचित्र सिंह ठाकुर ने कहा कि लोग रास्ता न रोके इससे कानून व्यवस्था की समस्या खड़ी होती है जो भी समस्या है लिखित रूप से मुझे बताएं प्राथमिकता के आधार पर समस्या का हल किया जाएगा।
पूर्व वार्ड पंच खुशीराम के बोल
पूर्व वार्ड पंच खुशीराम ने कहा कि पुश्त दर पुश्त से चले आ रहे आवागमन के रास्ते सड़क निर्माण में ध्वस्त होकर रह गए हैं। इन्हें जनहित में प्रशासन कंपनी से बनवाए।
वार्ड पंच अनीता देवी के बोल
वार्ड पंच अनीता देवी ने कहा कि फोरलेन निर्माण सड़क के कारण नेरा गांव के लोगों को रोजमर्रा की खाद्य सामग्री लाने कोटला आना-जाना किसी जंग लड़ने से कम नहीं है। सरकार तथा प्रशासन तुरंत लोगों की मांग पूरी करते हुए फोरलेन सड़क से नेरा गांव को संपर्क सड़क से जोड़े।
कपिल कुमार के बोल
कपिल कुमार ने कहा कि अगर नेरा गांव का संपर्क फोरलेन से नहीं जोड़ा गया। तो नेरा काला पानी जैसा हो जाएगा। क्योंकि पीने का पानी सिर पर ढोने से किसी जंग लड़ने से काम नहीं है। पीने का पानी कोटला से लाना पड़ता है।
करतार चंद ने ये कहा
करतार चंद ने कहा कि बीमार बुजुर्ग पर प्रसव पीड़ा से पीड़ित महिलाएं तथा स्कूली बच्चों के लिए रास्ते बंद होना आफत बन गए हैं। प्रशासन को तुरंत हरकत में आकर लोकहित में नेरा गांव के लिए फोरलेन से संपर्क मार्ग बनाना आवश्यक है।

