रजोल के भरनाला में 40 घरों में पेयजल की गम्भीर समस्या, अधिशाषी अभियंता ने नहीं उठाया फ़ोन

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5 किलोमीटर पैदल सफर कर फरियाद लेकर कोटला पहुंची महिलाएं, कार्यालय में न जेई न एसडीओ, जिम्मेदार कोई मौजूद नहीं।

कोटला – स्वयम

जल शक्ति विभाग के अफसरों तथा कर्मचारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैया के चलते ग्राम पंचायत रजोल के गांव भरनाला के लगभग 40 घरों में पीने का पानी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। प्यासे ग्रामीण जल शक्ति विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।

गांव के महिला मंडल की 11 सदस्य क्रमशः आशा देवी, निशा देवी, आरती, तपस्या देवी, रेणु देवी, संजीवनी देवी, बीना देवी, लता देवी, नैंसी देवी, पिंकी देवी आदि ने जल शक्ति विभाग के उप मंडल कोटला मे भरनाला से 5 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी शिकायत/फरियाद दर्ज करवानी चाहिए लेकिन जल शक्ति विभाग के उप मंडल कोटला कार्यालय में एसडीओ और जेई आदि कोई भी जिम्मेवार मौजूद नहीं था।

कार्यालय के बाहर बैठे एक व्यक्ति ने कहा कि कल आना। इस तरह कड़कती धूप में 2 किलोमीटर चढ़ाई के साथ 5 किलोमीटर सफर कर यह महिलाएं घर पहुंचेगी। पानी के लिए इन महिलाओं का यह संघर्ष विश्व युद्ध से काम नहीं है।

पत्रकारों से बात करते हुए आशा देवी ने कहा कि गांव में सदियों से बने प्राकृतिक कुंए तथा बावडिया प्रचंड गर्मी के चलते सूख गए हैं। मजबूरी में लोग मिलो दूर नालों के चिवडूओ से गंदा तथा कीटाणु युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। कोई भी इन गरीब ग्रामीणों की सुनवाई करने वाला नहीं है। हारकर ग्रामीण गांव से पलायन करने के बारे में सोच रहे हैं। ताकि छोई खड्ड तथा अनूही में देहरखडड के किनारे स्वयं तथा पशुओं के पीने के पानी की जरूरत पूरी कर सके।

गौरतलब है कि पानी की मांग को लेकर 11 सदस्य महिला मंडल के इस प्रतिनिधि मंडल में 100 प्रतिशत अपंग तपस्या देवी हाथों और लाठी के सहारे चलकर अपनी फरियाद जल शक्ति विभाग के एसडीओ को बताने तथा समाधान की आस लेकर कोटला कार्यालय पहुंची लेकिन अधिकारियों के निरादर होने के चलते इस अपंग महिला को भी निराशा हाथ लगी।

भरनाला गांव को पेयजल योजना मस्तगढ़, अमनी से पीने का पानी पिछले 20 सालों से दिया जा रहा है। बीना कुमारी के अनुसार इस बार पीने का पानी एक सप्ताह से 15 दिन में एक बार नलों से टपकता है। जो बाल्टी भरने के बराबर भी नहीं होता। इस स्कीम से मस्तगढ़, अमनी, धडू आदि गांव को पानी दिया जा रहा है। भरनाले में किल्लत क्यों ?

भरनाला की महिलाओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, सिंचाई मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्थानीय विधायक व कृषि मंत्री चंद्र कुमार, डीसी कांगड़ा से गुहार लगाई है कि उन्हें पेयजल मुहिया करवाने की सुचारू व्यवस्था करवाई जाए। ताकि ग्रामीण पलायन करने से बच सके। अगर स्कीम से पानी नहीं मिल सकता तो वॉटर टैंक लगाकर लोगों की पेयजल समस्या का हल करने की महिला मंडल भरनाला की सदस्य ने मांग की है।

अधिशाषी अभियंता ने नहीं उठाया फ़ोन

इस बारे में जल शक्ति विभाग मंडल ज्वाली के अधिशाषी अभियंता से दूरभाष पर बात करनी चाहिए तो बार-बार फोन करने पर भी उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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