माजरा में फंसे लोगों को बचाने के लिए प्रशासन ने तोड़ी सेना छावनी की दीवार

--Advertisement--

Image

नूरपुर – देवांश राजपूत

ढांगू-माजरा सड़क मार्ग चक्की दरिया में बहने के बाद पिछले 24 घंटे से गांव माजरा में अपने घरों में कैद लोगों को शुक्रवार को बाहर निकाला गया।

डीसी कांगड़ा डाॅ. निपुण जिंदल ने सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद सेना छावनी की दीवार तोड़कर लोगों को राहत प्रदान की।

इस दौरान इंदौरा की विधायक रीता धीमान, लोक निर्माण विभाग नूरपुर के अधीक्षण अभियंता मोहिंद्र धीमान, एसडीएम इंदौरा विनय मोदी और जिला परिषद सदस्य राहुल पठानिया विशेष तौर पर मौजूद रहे।

डीसी ने सेना अधिकारियों के साथ बैठक कर सेना छावनी की दीवार को तुड़वा कर गांव में फंसे लोगों को बाहर निकालते हुए फौरी तौर पर राहत प्रदान की।

डीसी ने माजरा गांव जाने के लिए पठानकोट के रास्ते मोहटली खरड़ नामक गांव में नलुआ नहर का भी निरीक्षण किया लेकिन दोनों तरफ से माजरा गांव को जाने के लिए कोई विकल्प नहीं मिला।

वहीं अधिकारियों की गाड़ियों का काफिला देखते ही माजरा गांव में फंसे सैंकड़ों लोग नलुआ नहर किनारे पहुंचे और जिलाधीश से मदद की गुहार लगाने लगे। डीसी ने लोक निर्माण विभाग को नलुआ नहर के ऊपर झूला पुल डालने को लेकर बात रखी।

उन्होंने ढांगू पुल पर स्थापित स्वामी जगत गिरी आश्रम का पिछले वर्ष चक्की खड्ड में आई बाढ़ में बहे रास्ते का भी विधायक रीता धीमान के साथ निरीक्षण किया तथा रास्ता निर्माण को लेकर जल्द बजट देने का आश्वासन दिया।

डीसी कांगड़ा ने बताया कि गांव में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना अधिकारियों के साथ बैठक की गई, जिसमें सेना छावनी की दीवार तोड़कर दोपहिया वाहनों से लोगों को निकाला जा रहा है।

चक्की दरिया में जलस्तर कम होने के बाद लोक निर्माण विभाग को अस्थायी रास्ते का निर्माण करने के निर्देश दिए गए हैं। वैकल्पिक मार्ग के तौर पर नलुआ नहर पर भी पुल निर्माण को लेकर विभाग को रिपोर्ट देने को कहा गया है।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

भयानक हादसा: 150 मीटर गहरी खाई में गिरे वाहन के उड़े परखच्चे, हमेशा के लिए बुझ गया परिवार का चिराग

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सड़क हादसों...