शिमला – रजनीश ठाकुर
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव भारद्वाज ने मंदिरों के अंदर वीआईपी व्यवस्था और उसके लिए शुल्क निर्धारित करना सरकार का एक अति निंदनीय निर्णय बताया है।
निश्चित तौर पर यह आस्था के ऊपर प्रहार है। प्रदेश के अंदर प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ आते हैं और देवी देवताओं का आशीर्वाद लेकर के जाते हैं परंतु सरकार नई तरह की व्यवस्थाएं खड़ी करना चाहते हैं और धार्मिक आस्था को व्यवसायिक करण में बदलना चाहती है।
सरकार अपनी घोषित गारंटीयों को तो पूरा कर नहीं पा रही है और उसकी तरफ से ध्यान हटाने के लिए ऐसे ऐसे कार्य कर रही है जिन से की जनमानस आस्था पर चोट पहुंचे। जीतने के बाद मुख्यमंत्री का यह बयान देना कि हम तो 97% हिंदू बहुल प्रदेश से हिंदूवादी सोच को हरा कर के आए हैं यह कहीं ना कहीं सच होती दिखाई दे रही है।

मुख्यमंत्री बताएं कि हिंदू देवी देवताओं के स्थान के अतिरिक्त वह और किन धार्मिक स्थान के ऊपर ऐसी व्यवस्था लागू करेंगे ? हिमाचल प्रदेश एक शांत प्रदेश है और देवी-देवताओं के अंदर यहां के नागरिकों की असीम श्रद्धा व विश्वास है।
अतः मुख्यमंत्री से निवेदन है कि ऐसे फैसले लेने से परहेज भी करें और उनके ऊपर लागू करने से पहले विचार भी करें। अन्यथा भारतीय जनता पार्टी को ऐसे निर्णयों के खिलाफ आंदोलन खड़ा करना पड़ेगा।

