
शाहपुर- नितिश पठानियां
भारतीय किसान संघ खंड रैत ने मंगलवार को उपमंडल अधिकारी शाहपुर के माध्यम से अपनी विभिन्न मांगों के लिए महामहिम राष्ट्रपति व राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन सौंपा। खंड अध्यक्ष रैत किशोरी लाल ने बताया कि आज पूरे हिमाचल में खंड स्तर पर सरकार को ज्ञापन सौंपे गए हैं।
उन्होंने बताया कि भारतीय किसान संघ द्वारा समय समय पर हिमाचल प्रदेश सरकार व प्रशासन के समक्ष विभिन्न मांगों के लिए विभिन्न विषय पर संवाद पत्राचार चर्चा व ज्ञापन द्वारा किसानों की समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए ध्यान आकर्षित किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। लेकिन किसान उनके वांछित लाभ से वंचित है । परिणाम किसान खेती से विमुख होता जा रहा है। किसानों के लिए विभिन्न प्रमुख समस्याओं का स्थाई समाधान करना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा जिसमें मुख्य मांग बेसहारा पशुओं द्वारा खेती की उजाड़ व जान माल की सुरक्षा के लिए बेसहारा पशुओं के लिए गो अभ्यारण्य निश्चित समय अवधि में बनाकर समस्या से निजात दिलाई जाए । बंदरों सुअर नीलगाय द्वारा खेती की उजाड़ एवं जान माल के नुकसान को देखते हुए इसका उचित प्रबंध किया जाए।
केंद्र व राज्य सरकार द्वारा राज्य में प्रचलित सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रार्थना पत्र से स्वीकृति तक की आनलाइन पारदर्शी प्रक्रिया का ई पोर्टल बनाया जाए। कृषि शोध संस्थानों द्वारा प्रदेश की भौगोलिक सूक्ष्म जलवायु व मिट्टी पर आधारित कृषि जलवायु परिस्थिति के अनुसार उपयुक्त चिन्हित फसलों की खेती मानचित्रित की जाए ।
कृषि शोध संस्थानों द्वारा प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति अनुसार शोध कार्य योजना बनाई जाए। विभिन्न विभागों व विभाग के अंदर चल रही सभी योजनाओं का अभीसरन करके किसानों के लिए सुविधाजनक बनाकर लाभकारी बनाएं। गो आधारित जैविक खेती व दुधारू पशु धन के प्रोत्साहन को बढ़ावा देने के लिए स्वदेसी गौ खरीदने के लिए सभी किसानों को अनुदान दिया जाए।
नदियों में अवैध खनन से गिरता जलस्तर सिंचाई योजनाएं ठप पड़ी उजड़ती खेती से निजात दिलाई जाए साथ ही प्राकृतिक आपदा सूखा ओलावृष्टि भारी हिमपात से रबी फसलों व सेब की फसल के नुकसान होने पर राहत दी जाए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उपरोक्त सभी समस्याओं का स्थाई समाधान किए किया जाए ।
इस अवसर पर मंत्री सुभाष चंद, प्रदेश उपाध्यक्ष रोशन लाल, खंड अध्यक्ष किशोरी लाल, बाल कृष्ण, शशिपाल करनैल, महिंद्र प्रकाश, कृष्ण आदि मौजूद थे।
