बड़ी खबर:NRI मयंक वैद नहीं भुला बिलासपुर को,कोविड 19 में की बिलासपुर वासियों की मदद, हॉन्ग कॉन्ग से भेजी आक्सीजन

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बिलासपुर, सुभाष चंदेल

व्यक्ति चाहे कितना ही बड़ा इन्सान बन जाए उसे अपनी मातृभूमि से प्रेम रहता ही है। अपने घर-बार आस-पड़ोस, गांव गली मोहल्ले की यादें षायद बाहरी दुनियां की चकाचैंध से नहीं भुलाई जाती। यूं भी अपनों के लिए जीने और सेवाभाव की भावना रखने वालों के लिए तो यह संसार तो भरा पड़ा है लेकिन दूसरों के लिए जीना, उनकी पीड़ा समझना जीवन का वास्तविक मर्म है।

कोरोना के इस क्रूर काल में जहां अपने भी मुंह फेर रहे हैं तो, ऐसे में सात समुंदर पार बैठा बिलासपुर का एक युवक ऐसा भी है जिसे अपने रिष्तेदारों,मित्रों की चिंता से ज्यादा पूरे बिलासपुर वासियों की चिंता है।

जीं हां यहां बात हो रही बिलासपुर नगर से कुछ दूरी पर स्थित राजपुरा गांव नोआ के मंयक वैद की जो हाॅंगकाॅंग में रहकर अपनों के लिए तड़पते हैं। पेशे से मल्टीनेशनल कंपनी के सीनियर लाॅयर मंयक वैद ने कोरोना महामारी के दौरान पीड़ित मानवता की सेवा के लिए अपने जिला बिलासपुर के लिए 24 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजे हैं। यह 24 आक्सीजन कंस्ट्रेटर मशीनें अगले सप्ताह बिलासपुर पहुंच जाएंगी।

मंयक ने कुछ मशीनें हाॅंगकाॅंग से खरीदी जबकि कुछ चीन व अन्य देशों से अपने बिलासपुर के लिए मंगवाई। मंयक ने बताया कि इस मेडीकल सामग्री को हाॅंगकाॅंग से भारत के लिए भेज दिया है।‌ कुछ ही दिनों में यह बिलासपुर पहुंच जाएंगी। गौर हो कि आक्सीजन कंस्ट्रेटर वह मशीन है जो कि हवा में से ऑक्सीजन को अलग कर देता है।

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हवा को अपने भीतर लेकर उसमें से अन्य गैसों को अलग कर शुद्ध ऑक्सीजन की सप्लाई करता है। इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से ले जाया सकता है। इसका प्रयोग भी बहुत आसान है। टूटती सांसों की लड़ी को जोड़ने के लिए आक्सीजन कंसंट्रेटर संजीवनी का काम करता है।

मंयक का मानना है कि इस संकट के दौर में यदि वह अपने लोगों को कुछ राहत दे सके या कुछ भी उनकी सेवा कर सके तो उनके लिए यह बड़ी बात होगी। मंयक वैद स्वर्गीय अशोक वैद सेवानिवृत डीआईजी बीएसएफ तथा माता समाजसेवी नीरू वैध के छोटे बेटे हैं। इनके बड़े भाई अमेरिका विश्वविद्यालय में प्रोफैसर हैं। इनकी शादी हाॅंगकाॅंग में ही थैरेसा से हुई इनके तीन बेटे हैं।

मयंक वैद ने 463 किलोमीटर एंडुरोमन रेस जीतकर वल्र्ड रिकाॅर्ड बनाया है। ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाले मंयक पहले भारतीय बने हैं। यहीं नहीं इसके अलावा इन्होंने तैराकी स्पर्धा में भी कई चैनल पार किए हैं। बहरहाल सात समुंदर दूर बैठकर अपनों की चिंता करने वाले इस युवा की जितनी तारीफ की जाए कम है।

बाक्स मंयक वैद के भाई लक्ष्य वैद ने आक्सीजन कंस्टेªेटर भारत आने की पुष्टि करते हुए बताया कि कुछ ही दिनों में यह मैडीकल सामान बिलासपुर पहुंच जाएगा तथा उसे जिला अस्पताल व कोविड-सेंटर जहां आवशक्ता होगी, भेज दिया जाएगा।

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