हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश की वादियों में अब सिर्फ बाइक और कारों की रफ्तार ही नहीं, बल्कि साइकिल के पहिए भी तेजी से घूम रहे हैं। प्रदेश में युवाओं के बीच साइकिलिंग का क्रेज लगातार बढ़ रहा है।
फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते बड़ी संख्या में युवा साइकिल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं।
खास बात यह है कि अब केवल अकेले नहीं, बल्कि दोस्तों के समूह के साथ वीकेंड पर लंबी साइकिल राइड का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है।
शिमला, सोलन, धर्मशाला, मंडी, हमीरपुर और बिलासपुर सहित कई शहरों में सुबह और शाम युवाओं के साइकिलिंग ग्रुप सडक़ों पर नजर आते हैं।
कई क्लब नियमित रूप से 20 से 50 किलोमीटर तक की राइड आयोजित करते हैं। वीकेंड पर ये समूह प्राकृतिक स्थलों, पहाड़ी मार्गों और पर्यटन स्थलों तक साइकिल यात्रा कर फिटनेस के साथ प्रकृति का आनंद भी लेते हैं।
राइडर्स का कहना है कि साइकिलिंग कम खर्च में बेहतरीन व्यायाम है। इससे हृदय मजबूत होता है, शरीर की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं और वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
लगातार बैठ कर काम करने वाले युवाओं के लिए यह एक बेहतर शारीरिक गतिविधि बनकर उभरी है। यही वजह है कि अब कई युवा जिम के साथ-साथ नियमित साइकिलिंग भी कर रहे हैं।
साइकिल विक्रेताओं के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में स्पोट्र्स और माउंटेन साइकिल की मांग में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए गियर वाली साइकिल को अधिक पसंद किया जा रहा है।
बाजार में अलग-अलग बजट और सुविधाओं के अनुसार कई आधुनिक मॉडल उपलब्ध हैं, जिन्हें युवा खूब पसंद कर रहे हैं।
पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि यदि छोटी दूरी के लिए लोग मोटर वाहनों के बजाय साइकिल का उपयोग करें, तो ईंधन की बचत के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी कम किया जा सकता है। इससे सडक़ पर वाहनों का दबाव भी घटेगा और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि सप्ताह में चार से पांच दिन 30 से 45 मिनट तक साइकिल चलाने से हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापे जैसी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।
इसके अलावा साइकिलिंग तनाव कम करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी मददगार साबित होती है।
साइकिलिंग के प्रमुख फायदे
- शरीर को सक्रिय और फिट रखती है
- हृदय और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है
- वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है
- तनाव और मानसिक थकान कम होती है
- ईंधन की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में योगदान
- संतुलन, सहनशक्ति और ऊर्जा में सुधार
- वीकेंड पर परिवार और दोस्तों के साथ हैल्दी आउटडोर गतिविधि का बेहतर विकल्प।
क्यों बढ़ रहा साइकिलिंग का क्रेज
जिला सोलन के शिवालिक राइडर्स के सदस्य प्रतीक ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में युवाओं के बीच साइकिलिंग का क्रेज तेजी से बढ़ा है। हर वीकेंड पर युवा समूह बनाकर लंबी राइड पर निकलते हैं, जिससे न केवल फिटनेस बेहतर रहती है, बल्कि तनाव भी कम होता है।
उन्होंने बताया कि शिवालिक राइडर्स सोलन के साइकिलिंग प्रेमियों का एक सक्रिय समूह है, जिसमें मनोवैज्ञानिक, वकील, वैज्ञानिक, डॉक्टर और बागबान सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। समूह नियमित रूप से साइकिल राइड आयोजित करता है।
समूह के सदस्यों का कहना है कि उनका उद्देश्य खुद को शारीरिक रूप से फिट रखना, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना और आने वाली पीढ़ी को साइकिलिंग अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उनका मानना है कि साइकिलिंग पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य का भी प्रभावी माध्यम है।

