
बद्दी – रजनीश ठाकुर
सोलन जिले के बद्दी के ग्लोबल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने हर्ट बाय पास सर्जरी का जटिल ऑपरेशन सफल हुआ।सीईओ प्रवीर गोयल का कहना है कि मरीज कश्मीरो देवी के अनुसार 1 साल से परेशान थी और यह ऑपरेशन कर प्राइवेट
अस्पतालों के प्रति लोगों के नजरिए को बदलने की कवायद की है।
दरअसल सोलन की बद्दी को चिकित्सा के क्षेत्र में काफी पिछड़ा माना जाता रहा है। सीईओ परवीर गोयल ने कहा की बद्दी मैं अस्पताल और डॉक्टरों व संसाधनों की कमी की वजह से लोगों को इलाज के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली या बड़े बड़े हॉस्पिटल की राह देखनी पड़ती है।
जिससे आम आदमी को इलाज की सुविधा मिलना तो दूर तो दूर इलाज के बारे में भी कुछ लोग अपनी जिंदगी को मौत के हवाले कर देते लेकिन आ ग्लोबल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बद्दी में यहां पर लोगों को बेहतर इलाज के लिए हर तरह की सुविधा देनी शुरू कर दी है हर प्रकार के डॉक्टर यहां बैठने शुरू हो गए है।
1 साल से परेशान थी कश्मीरो देवी
सोलन जिले के सबसे बड़े प्राइवेट अस्पताल ग्लोबल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने डॉक्टर मुनीश गोयल के नेतृत्व मैं एक जटिल और सफल ऑपरेशन किया है। जो ऑपरेशन बद्दी से बाहर होता था वो इलाज ग्लोबल अस्पताल बद्दी में करके सबको बता दिया है कि प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर भी किसी से कम नहीं है।
ऑपरेशन करने वाले सर्जन डॉक्टर मुनीश गोयल ने बताया कि बद्दी के गांव रहने वाली कश्मीरो काफी लंबे समय से इस से परेशान थी। कश्मीरो देवी का हर्ट बाय पास का 5 घंटे की मेहनत के बाद मुफ्त में सफल ऑपरेशन हुआ।
हिमाचल सरकार की हिम केयर सुविधा से हुआ कशमीरो देवी का मुफ्त इलाज सीईओ ग्लोबल हॉस्पिटल बद्दी प्रवीर गोयल
ग्लोबल हॉस्पिटल एक प्राइवेट अस्पताल है (सीईओ) प्रवीर गोयल ने डॉक्टरों की टीम की बधाई दी और कहां की 1 साल से हर्ट की परेशानी से कश्मीरा देवी जूझ रही थी सफलतापूर्वक ऑपरेशन करने पर डॉक्टर टीम को मुबारकबाद भी दी। उन्होंने बताया कि जिले को पिछड़ा मानने वाले लोग अब प्राइवेट अस्पतालों पर भरोसा करेंगे। और जो सुविधा चंडीगढ़ दिल्ली जैसे शहरों में मिलती है वह बद्दी में मिलेगी।
गुमराह ना हो लोग सरकारी सुविधाओं को भी अमलीजामा पहनाते है
प्रवीर गोयल का कहना है कि काफी लोगों को गुमराह किया जाता है की प्राइवेट हॉस्पिटल लाखों रुपए लेकर इलाज करते हैं लेकिन हिम केयर जैसी सुविधा से हमारा हॉस्पिटल सरकारी दिशानिर्देशों को मानते हुए सरकार की दी गई नीतियों को अमल सरकारी निर्देशों को अमलीजामा पहनाकर सुविधाएं दी जाती है।
