
नियमों को दरकिनार कर लोन देने के आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई
ऊना- अमित शर्मा
ऊना जिला के एक पूर्व विधायक के बेटे के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है, जो कांगड़ा केंद्रीय को-आपरेटिव बैंक में मैनेजर था। नियमों को ताक पर रखकर लोन देने के आरोप में उसके खिलाफ कार्रवाई हुई है। कांगड़ा केंद्रीय को-आपरेटिव बैंक प्रबंधन ने मैनेजर की शिकायत होने पर उसे पहले ही टर्मिनेट कर दिया था और अब विजिलेंस पुलिस ने उक्त व्यक्ति के खिलाफ 420 का केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी अनुसार धोखाधड़ी करने वाला उक्त व्यक्ति थानाकलां के बैंक में मैनेजर था। वर्ष 2017 में एक एग्रीकल्चर सोसायटी ने थानाकलां के बैंक से अपनी 19 एफडीआर के बदले पांच करोड़ का लोन लिया था, जिसे कुछ ही दिनों में वापस भी कर दिया था फिर सोसायटी ने एक एफडीआर के बदले तीन करोड़ का लोन दोबारा से लिया।
इस बैंक मैनेजर ने नियमों को दरकिनार करते हुए इसी एफडीआर पर किसी अन्य व्यक्ति को करीब चार करोड़ का लोन दे दिया, जिस पर को-ओपरेटिव सोसायटी के सब-रजिस्टरार ने बैंक मैनेजर के खिलाफ शिकायत दी। बैंक की जांच होने पर बैंक प्रबंधन ने इसे टर्मिनेट कर दिया और पुलिस विभाग की जांच में भी मैनेजर पर लगे आरोप सही पाए गए, जिस पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस उना की टीम ने इसके खिलाफ मामला दर्ज किया है। डीएसपी विजिलेंस अनिल मेहता ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
