
चम्बा- भूषण गुरुंग
पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आज सिहुन्ता में NPS कार्यकारिणी की आम बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित सदस्यों ने आने वाले चुनावी मौसम में अपनी किस्मत आज़माने की कोशिश करने वाले आम आदमी दल से कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन बहाली पर समर में उतरने से पूर्व स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि वे पहले पञ्जाब में पुरानी पेंशन बहाल करके दिखाएं तब हिमाचल का स्वप्न देखें।
कार्यकारिणी ने सामूहिक तौर पर, अन्य दलों से भी इस बात को ध्यान में रखकर ही चुनावी समर में उतरने का आग्रह किया।
कार्यकारिणी ने बरसों के संघर्ष और विभिन्न सेवा-निवृत हो चुके उन कर्मचारियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनकी आर्थिक तंगहाली और बुढ़ापे में शारीरिक अक्षमता को नजरअंदाज करके बेहुदा टिप्पणी करने वाले हिमाचल प्रदेश के सत्ताधारी दल द्वारा मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी से नवाजे भट्टियात विधानसभा क्षेत्र के विधायक विक्रम जरयाल की उस स्टेटमेंट का सामूहिक तौर पर खण्डन किया।
जिसमें उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली के लिए माँग कर रहे हिमाचल के लाखों कर्मचारियों की भावनाओं को यह कह कर आहत किया है कि वे नौकरी से रिजाइन करें और चुनाव लड़ें।
साथ ही, सचेतक जी ने हिमाचल के लाखों कर्मचारियों की सेवाओं के अभिप्राय को अपनी खुद की खुद ही प्रशंसा करते हुए अत्यन्त संकुचित कर दिया है जोकि एक सचेतक के लिए अत्यधिक शर्म की बात प्रतीत होती है जिसका उन्हें तनिक भी पश्चाताप नहीं कि जिन कर्मचारियों के कन्धों पर शिखर की ओर हिमाचल जैसे अभियान सरकारें चलाती हैं।
उन कर्मचारियों की भी कुछ आवश्यकताएं होंगी। उन कर्मचारियों के भी परिवार हैं जिन्हें उनकी तरह आर्थिक आजादी तो दूर आर्थिक सुरक्षा के भी ठीक से मिलेगी इस बात में सन्देह ही बना रहता है जबकि हर कर्मचारी अपनी मानसिक योग्यता और शारीरिक क्षमता अनुसार मिले दायित्व पर सेवा ही कर रहा है।
उपस्थित कार्यकारिणी ने सामूहिक तौर पर पुनः मुख्यमन्त्री महोदय से अनुरोध किया कि वे हिमाचल के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देकर कर्मचारियों और उनके परिजनों के हितों की रक्षा करने की कृपा करें।
