पठानकोट-मंडी फोरलेन का काम शुरू, अंग्रेजों के समय बने 120 साल पुराने पुल को ताेड़ने में छूटे पसीने

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कोटला- स्वयंम

पठानकोट-मंडी फोरलेन का काम लंबे समय बाद बुधवार को शुरू हो गया। पहले चरण में कंडवाल से सिहुंणी तक फोरलेन के तहत टनलों व पुलों का कार्य शुरू हुआ है। बुधवार को 32 मील में 120 साल पुराने पुल को पोकलेन की सहायता से गिराया गया।

अंग्रेजों के जमाने में चूने से बने पुल को तोडऩे में काफी मेहनत करनी पड़ी। यहां अब नए पुल का निर्माण किया जाएगा। कोटला में फोरलेन के लिए कैहरना से सुरंग निकाली जाएगी। दूसरी सुरंग दो नदी संगम हनुमान मंदिर के पास से त्रिलोकपुर तक निकाली जाएगी।

सुरंग निकालने वाली मशीनें भी पहुंचनी शुरू हो गई हैं। पुल के पास पेड़ न होने से काम शुरू हो गया है। वन विभाग पेड़ों की गिनती कर रहा है। जैसे ही वन विभाग से क्लीयरेंस मिलेगी तो काम शुरू हो जाएगा।

पठानकोट-मंडी नेशनल हाइवे पर कोटला व 32 मील में अंग्रेजों ने दो पुलों का निर्माण किया था। वहीं, मुआवजा न मिलने के बावजूद दो माह के भीतर भवनों को खाली करने के नोटिस से प्रभावितों में हड़कंप मच गया है।

कंडवाल से सिहुंणी तक करीब चार हजार लोग प्रभावित होंगे। साथ ही चार सौ के करीब भवन व कारोबार परिसर तबाह हो रहे हैं। नियम के अनुसार जब तक मुआवजा नहीं मिलता है तब तक नोटिस नहीं दिया जा सकता है। लोगों के अनुसार सरकार व प्रशासन प्रभावितों से हमदर्दी दिखाने के बजाय डंडा तंत्र से ही कार्य करना चाहता है ।

बिना मुआवजा थमाया नोटिस

फोरलेन लोकबाडी के अध्‍यक्ष राजेश पठानिया ने कहा मुआवजा दिए बिना नोटिस थमाना गैरकानूनी है। पुनर्वास व मुआवजा प्रदान करवाना स्थानीय जनप्रतिनिधि का फर्ज बनता था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

कांग्रेस ने साधा निशाना

अध्यक्ष जिला कांग्रेस अजय महाजन ने कहा मंत्री राकेश पठानिया ने आश्वासन दिया था कि जब तक प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक वह परियोजना को फारेस्ट क्लीयरेंस नहीं देंगे लेकिन कुछ नहीं हुआ। मुआवजा दिए बिना भवन खाली करने के नोटिस देना प्रभावितों के साथ अन्याय है।

क्‍या कहते हैं एसडीएम

एसडीएम नूरपुर अनिल भारद्वाज ने कहा अधिकतर भवनों की मुआवजा राशि प्रभावितों के खाते में डाल दी है। तकनीकी समस्या के कारण कुछ लोगों के खाते में राशि नहीं पड़ी है। इस बाबत बैंकों से संबंधित छानबीन की जा रही है।

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