
चम्बा- भूषण गुरूंग
जिला चंबा में बीते मंगलवार से मौसम के तेवर कड़े हैं।शनिवार को ठंड बढ़ने के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तो हालात और भी बिगड़े हुए हैं। ऐसे में बच्चों का स्कूल पहुंचना किसी खतरे से कम नहीं है। जिला चंबा के भरमौर, पांगी, चुराह, डलहौजी, सलूणी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अधिकतर विंटर स्कूल हैं। ये सभी स्कूल ऊंचाई वाले स्थानों पर हैं, जहां पर ठंड बढ़ने के साथ ही बर्फबारी का दौर शुरू हो जाता है।
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर में भरमौर की होली घाटी स्थित न्याग्रां नाले में अचानक बड़ा ग्लेशियर आ गया। इस दौरान ग्लेशियर रावी नदी के आर पार हो गया। रावी नदी का प्रवाह शनिवार को होली के न्याग्रां में आए ग्लेशियर ने रोक दिया और झील बनने लग गई, जिसके चलते रावी नदी भी नाले के रूप में तबदील हो गई
रावी नदी का प्रवाह भी रूक गया,जिसके चलते निचले क्षेत्रों में लोगों में भी अफरा तफरी मच गई।रावी नदी का प्रवाह थमने का पता चलते ही स्थानीय लोग भी सचेत हो गए। बहरहाल करीब करीब पांच घंटे रावी नदी का प्रवाह यहां थमा रहा।
लगातार हो रही भारी बारिश व बर्फबारी के कारण जनजीवन पटरी से उतर गया है। मौसम के बिगड़े हालातों को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त चंबा डीसी राणा ने शनिवार को जिला चंबा के विंटर स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है। ऐसे में आज के दिन जिला के समस्त विंटर स्कूल बंद रहें।
उपायुक्त चंबा ने स्पष्ट किया है कि ऊंचाई वाले क्षेेत्रों में बर्फबारी होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
