
शिमला – नितिश पठानियां
पठानकोट-जोगेंद्रनगर रेल ट्रैक पर यातायात शुरू करने के लिए उच्चाधिकारियों की टीम ने हिमाचल सरकार को आश्वस्त किया है कि एक माह में नूरपुर से जोगेंद्रनगर के बीच सेवा शुरू कर दी जाएगी। शिमला स्थित राज्य सचिवालय में मंगलवार को हुई बैठक में रेलवे के फिरोजपुर-अंबाला-दिल्ली मंडल के अधिकारियों ने हिमाचल परिवहन विभाग के प्रधान सचिव आरडी नजीम को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही इंजन नूरपुर पहुंच जाएगा।
बैठक में रेलवे ने हिमाचल सरकार से तेज वर्षा व बाढ़ के कारण गिरे चक्की पुल को बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग से तकनीकी सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण के लिए आइआइटी रुड़की की सेवा ली जा रही है।
तीन राज्यों के रेलवे अधिकारी पहुंचे
प्रदेश सरकार से मंत्रणा करने के लिए पंजाब, हरियाणा और दिल्ली राज्यों के अधिकारियों की आठ सदस्यीय टीम शिमला पहुंची। इससे पहले पंजाब सरकार से चर्चा हो चुकी है। क्योंकि चक्की पुल पंजाब व हिमाचल की सीमा पर है।
दो इंजन लाएगा रेलवे
रेलवे अधिकारियों ने प्रधान सचिव को अवगत करवाया कि बड़े ट्रालों में दो इंजन दो सप्ताह में नूरपुर के पास ट्रैक पर रखे जाएंगे, ताकि जोगेंद्रनगर तक रेल सेवा बहाल हो सके। इस क्षेत्र में लोग नियमित तौर पर रेल से यात्रा करते हैं।
एक माह में शुरू होगी सेवा
प्रधान सचिव परिवहन विभाग आरडी नजीम ने कहा रेलवे ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि एक माह में सेवा शुरू कर दी जाएगी। इससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को लाभ होगा।
पंजाब की तरफ से हो रहा चक्की खड्ड में खनन
चक्की खड्ड पर पुल के दो पिलर ढहने से रेल सेवा बाधित हुई है। पंजाब की तरफ खड्ड का बहाव नीचे जा रहा है। इस क्षेत्र में लगातार खनन हो रहा है। पांच मीटर खड्ड नीचे चली गई है। हिमाचल की सीमा की ओर पिलर को कोई नुकसान नहीं है।
कारण यह कि इस क्षेत्र में हिमाचल सरकार ने खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। चक्की पुल के साथ पंजाब सीमा क्षेत्र में 12 क्रशर चल रहे हैं। जिसके कारण भूमि कटाव हो रहा है, जिसका परिणाम था कि पंजाब सीमा में आने वाले दो पिलर गिरे हैं।
