नगरोटा सुरियाँ – व्यूरो रिपोर्ट
बीती रात 11.00 बजे जब शराब ठेका खोलने की ग्रामीणों को जैसे ही भनक लगी तो गांव की महिलाओं सहित स्थानीय ग्रामीणों ने शराब ठेका स्थल पर पहुंच कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
महिलाओं का आरोप है कि आंगनबाड़ी स्कूल के नजदीक और बस स्टॉप के नजदीक गांव की घनी आबादी के बीचोंबीच शराब का ठेका खोलना न्यायोचित नहीं है।
बिलासपुर में शराब का ठेका नहीं खोलने को लेकर पंचायत को पहले ही चेताया जा चुका है व देहरा के एसडीएम व जिला कांगड़ा उपायुक्त से भी गुहार लगा चुके हैं लेकिन इसके बाद भी शराब का ठेका रात के अंधेरे में खोल दिया। ग्रामीणों ने चेताया कि जब तक ठेका नहीं हटाया जाता प्रदर्शन जारी रहेगा।
पंचायत ने नहीं दिया अनापत्ति प्रमाण पत्र : प्रधान
हालांकि हरिपुर पुलिस ने भी मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन उसकी कोशिश भी नाकाम रही व ग्रामीण महिलाओं सहित शराब ठेका हटाने की मांग पर अडिग रहे और बारिश के बीच भी धरना-प्रदर्शन जारी रखा।
बिलासपुर पंचायत प्रधान रीना बग्गा ने कहा कि शराब ठेका खोलने के लिए पंचायत ने कोई भी अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया है, फिर भी गांव में ठेका खोल दिया।
क्या कहते हैं डीएसपी देहरा
उधर, डीएसपी देहरा का कहना है कि बिलासपुर में शराब ठेका खोलने के विरोध में ग्रामीण धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रदर्शन के दौरान कोई अनहोनी न हो कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरिपुर पुलिस प्रदर्शन स्थल पर नजर बनाए हुए है।
वहीं आबकारी एवं कराधान कार्यालय पालमपुर के संयुक्त आयुक्त विवेक महाजन का कहना है कि नई आबकारी नीति में पंचायत की एनओसी की जरूरत नहीं होती है और शराब ठेका खोलने से पहले आबकारी विभाग जगह का पूरा निरीक्षण करने के बाद ही अनुमति दी जाती है।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र का ग्रामीण जो आरोप लगा रहे हैं उसके लिए भी सोमवार को पैमाइश करवा दी जाएगी।

