15 पंचायतों का सीएचसी डिनोटिफाई, रोजाना होती थी 200 की ओपीडी, पिछली सरकार ने बढ़ाया था दर्जा।
नगरोटा सूरियां – व्यूरो रिपोर्ट
नगरोटा सूरियां के खंड समुदाय स्वास्थ्य केंद्र भी अब डिनोटिफाई हो गया है। प्रदेश की सुखविंद्र सुक्खू सरकार के इस फैसले से 15 पंचायतों के हजारों लोगों पर असर होगा।
मौजूदा समय में इस सीएचसी में रोजाना 200 की ओपीडी होती थी। ऐसे में अब हजारों लोगों को अन्य स्थानों में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जाना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व सरकार द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा बढ़ाकर वहां 50 बेड का किया गया था और वर्तमान सरकार ने फिर पुरानी स्थिति पर ला खड़ा कर दिया है।
केवल मात्र इस समुदाय केंद्र में छह बेड ही लगे हुए हैं और एक डॉक्टर के सहारे यह खंड का समुदाय स्वास्थ्य केंद्र पिछले पांच वर्षों से चल रहा है।
यहां तक कि बीएमओ भी नहीं है। लोगों का कहना है कि भाजपा सरकार ने इसे 50 बेड का करके एक उम्मीद जगाई थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने जनता को निराश कर दिया है।
लोगों का कहना है कि यहां पर जो पहले से स्टाफ के पद भरे थे, वे भी रिक्त होने शुरू हो गए।
अब तो एक ही डॉक्टर यहां रह गई है और 24 घंटे लोगों को सुविधा देने के लिए निकटवर्ती संस्थानों से डॉक्टरों को रोज तैनात किया जा रहा है।
जिसमें पीएससी घाड़ जरोट से डाक्टर को यहां पर दो महीने से डेपुटेशन पर लगाया गया है और अब घाड़ जरोट के लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरोटा सूरियां में ब्लड बैंक की मशीनरी पिछले छह साल से धूल फांक रही है।
समाजसेवी सुरेंद्र शर्मा,पवन गुलेरिया, शक्ति सिंह गुलेरिया, यशपाल, सतपाल, जोगिंदर सिंह, त्रिलोक चद ,रामकुमार आदि ने सीएम से मांग की है कि नगरोटा अस्पताल में तुरंत स्टाफ उपलब्ध करवाया जाए।
साथ ही 50 बेड का दर्जा बरकरार रखा जाए। इस माह के अंत तक स्टाफ उपलब्ध नहीं करवाया जाता है तो वह लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरोटा सूरियां में ताला लगाकर धरना देंगे।
भाजपा नेता संजय गुलेरिया ने इसे कांग्रेस सरकार की नाकामी बताया है।
सीएमओ सुशील शर्मा के बोल
इस बारे में सीएमओ सुशील शर्मा ने बताया कि नगरोटा सूरियां सीएचसी को डिनोटिफाई करने के आदेश हैं। स्टाफ की कमी के बारे में सरकार को अवगत करवाया गया है।

