आपात परिस्थितियों और अन्य अभियानों में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं आपदा मित्र : गंधर्वा राठौड़
हिमखबर डेस्क
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि जिला में आपदा मित्रों के रूप में प्रशिक्षित किए गए युवा आपात परिस्थितियों के अलावा यातायात प्रबंधन, नशा निवारण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और कई अन्य अभियानों में भी बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं।
दियोटसिद्ध के चैत्र मास मेलों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष रूप से तैनात किए गए।
आपदा मित्रों के लिए वीरवार को यहां हमीर भवन में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने कहा कि आपदा मित्रों को इन सभी अभियानों में भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आपदा मित्र योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में ऐसे प्रशिक्षित वॉलंटियर्स तैयार करना है जोकि अपने-अपने क्षेत्रों में किसी भी तरह की आपात परिस्थिति में रेस्क्यू टीमों के पहुंचने से पहले बचाव एवं राहत कार्य आरंभ कर सकें।
उपायुक्त ने कहा कि किसी भी तरह की आपदा के समय बचाव दलों के पहुंचने से पहले स्थानीय लोग ही सबसे पहले मौके पर पहुंचते हैं।
इसके मद्देनजर ही जिले भर में युवाओं को आपदा मित्रों के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
दियोटसिद्ध के चैत्र मास मेलों के दौरान आपदा मित्रों की भूमिका की सराहना करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिले में नशा मुक्त अभियान, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण एवं पौधारोपण अभियान और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी आपदा मित्रों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर डीडीएमए की प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण प्रभारी समीक्षा शर्मा, जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के प्रभारी भानु शर्मा, स्वयंसेवी संस्था एडूकेयर के अधिकारी गुरजीत सिंह भुल्लर और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

