
पालमपुर – बर्फू
प्रदेश में बाद दोपहर कई स्थानों पर तेज हवाओं ने कहर ढाया। अनेक स्थानों पर वृक्ष तथा बिजली के खंभे उखड़ गए। वहीं पालमपुर में वृक्ष की भारी-भरकम शाखा गिरने से दोपहिया वाहन चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान सुरेश कुमार (57) के रूप में हुई है जोकि पढियारखर पंचायत के अंतर्गत भदरैना का रहने वाला था तथा कृषि विश्वविद्यालय में कार्यरत था।
जानकारी के अनुसार मौसम के बदले तेवरों के कारण शनिवार बाद दोपहर कई स्थानों पर बारिश हुई तथा तेज हवाएं चलीं। इसी दौरान पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय उच्चमार्ग पर रात्रि ड्यूटी के लिए स्कूटी पर जा रहे सुरेश कुमार पर सड़क किनारे लगे एक वृक्ष की शाखा टूटकर गिरी, जिसके चलते उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
सुरेश कुमार डेयरी फार्म में कार्यरत था तथा नवम्बर में सेवानिवृत्त होने वाला था।
डीएसपी पालमपुर गुरबचन सिंह ने मामले की पुष्टि की है। हादसा बनूरी तथा होल्टा के मध्य पेश आया है।
हैल्मेट में सुराख करते हुए सिर में जा घुसी शाखा
सुरेश कुमार ने हैल्मेट पहन रखा था परंतु भारी-भरकम तना गिरने से हैल्मेट में सुराख करते हुए शाखा ने उसके सिर पर चोट पहुंचाई तथा वह बुरी तरह से लहूलुहान हो गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
यद्यपि उसे नागरिक चिकित्सालय पालमपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राष्ट्रीय उच्च मार्ग तथा कई अन्य सड़क मार्गों पर अनेक ऐसे वृक्ष है जो सूख चुके हैं या झुक गए हैं।
ऐसे में यह वृक्ष सड़क पर आवाजाही कर रहे वाहनों तथा लोगों के लिए खतरे का पर्याय बन चुके हैं। अनेक स्थानों पर इन वृक्षों को काटा भी गया है परंतु अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे वृक्ष हैं जो खतरा बनकर झूल रहे हैं।
उधर, पालमपुर, बैजनाथ, मंडी व हमीरपुर सहित कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण हानि पहुंची है और विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। हमीरपुर में ऊहल में पेड़ गिरने से बिजली की तारें टूटी हैं जबकि बैजनाथ में लोक निर्माण विश्राम गृह के पास एक बिजली का खंभा गिर गया।
मंडी जिले में भी बारिश और तूफान के कारण जगह-जगह पेड़ टूट कर गिरे। तूफान के कारण चांसलर क्षेत्र की तिब्बती कालोनी में एक बड़ा पेड़ बीच सड़क में गिर गया।
इसके अलावा टिक्करी मुशैहरा पंचायत के टिक्करी गांव में भी एक पेड़ गिरा। करीब आधा दर्जन गांवों की बिजली गुल होने से अंधेरा पसरा हुआ है।
प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में फसल कटाई का कार्य भी आंरभ हो चुका है, ऐसे में बारिश व तेज हवाओं के कारण खड़ी व कटी फसल को भी हानि पहुंचने की आशंका है।
