ज्वाली में निजी स्कूल संचालकों की मनमानी शुरू, हर वर्ष वसूली जा रही एडमिशन फीस, टाई-बैल्ट-बैच-यूनिफार्म, किताबों-कॉपियों के नाम पर लूट-घसूट शुरू।
ज्वाली – अनिल छांगू
उपमंडल जवाली के निजी स्कूलों में एडमिशन, टाई-बैल्ट-बैच-यूनिफार्म, किताबों-कॉपियों के नाम पर लूट-घसूट शुरू हो गई है।
निजी स्कूलों में नियमों को धत्ता बताकर स्कूल में हर वर्ष बच्चों से एडमिशन फीस वसूल की जा रही है, तो वहीं स्कूल यूनिफार्म, किताबें-कॉपियां, शूज व टाई-बैल्ट-बैच स्कूल में ही महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं।
निजी स्कूल संचालको द्वारा एडमिशन के नाम पर वसूली करके एक महीने में ही लाखों रुपए कमाए जा रहे हैं जबकि अभिभावकों की जेब पर डाका पड़ रहा है।
ऐसा करके टैक्स को भी चूना लगाया जा रहा है जबकि विभाग व प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। हालांकि नियमानुसार कोई भी निजी स्कूल संचालक स्कूलों में किताबें-कॉपियां-टाई-बैल्ट-बैच नहीं बेच सकता है परंतु निजी स्कूल संचालक सरेआम बेच रहे हैं।
स्कूल संचालकों द्वारा बोर्ड की किताबें लगाने की बजाए मोटी कमीशन के चक्कर मे निजी पब्लिशर की किताबें बच्चों को लगाई जा रही हैं।
अधिकतर निजी स्कूल संचालकों द्वारा प्राइवेट वाहन हायर करके बच्चों की सुरक्षा को रामभरोसे छोड़कर स्कूल लाने में प्रयोग किया जा रहा है।
बुद्धिजीवियों ने कहा कि आखिरकार स्कूल संचालक नियमों को दरकिनार क्यों कर रहे हैं। इन पर लगाम कसने की कोई हिम्मत नहीं कर रहा है।
बुद्धिजीवियों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री व शिक्षा विभाग से मांग की है कि निजी स्कूल संचालकों की मनमर्जी पर लगाम लगाई जाए।

