
शाहपुर – नितिश पठानियां
आज जिला परिषद अधिकारी/कर्मचारी महासंघ इकाई रेल की अनिश्चित कालीन हड़ताल के समर्थन में विकास खंड रैत के लगभग सभी प्रधान, उपप्रधान शामिल हुए, जिस में समस्त प्रधान, उपप्रधानों ने हडताल पर बैठे अधिकारी/कर्मचारीयों की एक मात्र माग जो कि ग्रामीण विकास विभाग या पंचायतीराज विभाग में विलय की है, का पूर्णजोर से समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि यह अधिकारी व कर्मचारी पिछले 22-23 वर्षों से दोनों विभागों के साथ साथ अन्य 16 विभागों का भी कार्य तथा सरकार की महत्वाकांनी योजनाये धरातल पर बड़ी ईमानदारी से निशाने का काम कर रहे हैं। परन्तु बंडा खेद का विषय है कि इन अधिकारियों व कर्मचारीयों को आज तक किसी विभाग के कर्मचारी होने का दर्जा प्राप्त नहीं है।
जब कि इन अधिकारी/कर्मचारीयों के हड़ताल पर जाने से पंचायत के सभी कार्य बंद पड़े है। जिस के कारण आये दिन लोगों को पंचायत के सभी सदस्यों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायतो के विकास कार्य बंद हो गये है।
यदि यह कार्य समय पर पुन आरम्भ नहीं होते हैं तो जिनका सिमेंट आ चुका है, वरसात के मौसम में सीमेंट खराब हो सकता है। जिसकी भरपाई करना नामुमकिन है। यदि ऐसा होता है तो इसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी।
इन अधिकारी/कर्मचारीयों ने अन्य योजनाओं के साथ-साथ कोविड काल में भी पूरा सहयोग किया है। इस काल में सरकार द्वारा जो भी कार्य इन अधिकारी/कर्मचारीयों को दिया गया, उन्होंने अपनी आन की परवाह न करते हुए इन निम्मेवारियों की बड़ी ईमानदारी से निभाया है।
अतः विकास खंड रैत के समस्त प्रधान – उपप्रधान माननीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश, माननीय पंचायती राज मंत्री व निर्देशक ग्रामीण विकास विभाग से मांग करते हैं कि इस अधिकारी कर्मचारीयों की जो मांग है, इसे शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण किया जाए।
