
व्यूरो रिपोर्ट
जल शक्ति विभाग के सभी छोटे बड़े ठेकेदारों ने जल शक्ति विभाग के मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को सीधी चेतावनी दी है कि ठेकेदारों द्वारा किए गए काम के बदले उन्हें बहुत कम पैसों की अदायगी की जा रही है।
समय पर ठेकेदारों को काम के बिलों के अदायगी नहीं होने पर कारण उन्हें कर्जा लेकर ठेके चलाने वाले छोटे ठेकेदारों की हालत बहुत खराब होती जा रही है। यदि सरकार ने यह दमनकारी नीति बंद नहीं की तो जल शक्ति विभाग के मंडल कार्यालयों के बाहर ठेकेदार भूख हड़ताल पर बैठने के लिए विवश होंगे। जिसकी जिम्मेवारी सरकार और विभाग की होगी।
ठेकेदारों ने बताया कि भाजपा शासनकाल में ठेकेदारों का सबसे अधिक शोषण हो रहा है। एक तो कोरोना संकटकाल में वैसे ही ठेकेदारों की हालत खराब हो गई है ऊपर से सरकार की नीतियां और नए-नए दमनकारी फैसले ठेकेदारों के गले नहीं उतर रहे हैं। यदि सरकार की ऐसी ही मंशा रही तो कोई भी ठेकेदार सरकार के कार्यों को लेने के लिए आगे नहीं आएगा। जिससे विकास कार्यों की गति थम जाएगी।
उन्होंने कहा जब से भाजपा ने सत्ता संभाली है। ठेकेदार अपनी पेमेंट को तरस रहे है। हर वर्ष वित्त बर्ष के आखिर में ऊंट के मुंह मे जीरे के समान राशि दी जाती है। अगर ऐसा इस बार भी हुआ तो अपने अपने जल शक्ति मंडलो के बाहर भूख हड़ताल पर बैठेंगे व आने वाले चुनावों में भाजपा का विरोध करेंगे।
