चम्बा – भूषण गुरूंग
पहलगाम में हुई आतंकी वारदात के बाद जम्मू कश्मीर के साथ लगती चम्बा बॉर्डर पर पुलिस बटालियन स्थापित करने की मांग एक बार फिर से जोर पकड़ने लगी है।
दरअसल चम्बा जिला के चुराह व डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के साथ जम्मू कश्मीर की सीमाएं लगती है जहां पर पहले भी आतंकी हमले हो चुके हैं।
1998 में कालावन में आतंकवादियों ने 35 लोगों को मौत के घाट उतारा था उसके बाद वहां बॉर्डर पर एक पुलिस बटालियन स्थापित की गई थी लेकिन उसके कुछ सालों के बाद उस बटालियन को वहां से हटा लिया गया है।
लेकिन जैसे ही जम्मू कश्मीर में कोई आतंकी वारदात होती है उसके बाद आतंकवादियों के चम्बा बॉर्डर में घुसने की हमेशा ही आशंका रहती है।
जहां चम्बा के चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक हंसराज ने जनता की आवाज को बुलंद किया वहीं लोकसभा सांसद भारद्वाज ने भी भारत सरकार के समक्ष इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाने की बात कही।
स्थानीय लोगों के बोल
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहलगाम में हुई आतंकी वारदात के बाद अब जम्मू कश्मीर के साथ लगते चम्बा के बॉर्डर पर भी आतंकियों के घुसने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि यहां पहले भी एक आतंकी घटना हो चुकी है इसीलिए अब यहां पर फिर से एक पुलिस बटालियन स्थापित करने की बहुत सख्त जरूरत है।
उन्होंने प्रदेश व केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि चम्बा के में एक बटालियन स्थापित की जाए ताकि यहां सीमाओं की सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जा सके।
विधायक डॉ हंस राज के बोल
विधायक डॉ हंस राज ने कहा कि ख़ुफ़िया एजेंसीयों कि ये रिपोर्ट है कि यह जो पहलगाम में आतंकी घटना हुई है तो ऐसे में आतंकी चंबा के साथ लगते जम्मू बॉर्डर की तरफ पलायन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हालांकि बॉर्डर पर एस पी ओ की तैनाती की गई है लेकिन यहां स्थाई बटालियन होना बहुत जरुरी है। इस मांग को उन्होंने भारत सरकार के समक्ष भी उठाया है और उन्हें उम्मीद है कि इस दिशा में जल्द कोई आवश्यक कारवाई होगी।
लोकसभा सांसद डॉ राजीव भारद्वाज के बोल
वहीं इस मामले पर इलाके के लोकसभा सांसद डॉ राजीव भारद्वाज ने कहा कि ये बहुत गंभीर मामला है और इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री से बात की जाएगा ताकि जिला चम्बा व हिमाचल प्रदेश सुरक्षित रहे। उन्होंने स्थानीय विधायकों से भी प्रदेश सरकार से इस विषय में बात करने का आग्रह किया।

