चम्बा – भूषण गुरुंग
चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत गुईला के जंगल में शरारती तत्वों की ओर से लगाई गई आग से मैलीकुड़ी धार (अधवारी) स्थित ग्रामीणों के चार कच्चे मकान राख हो गए। इतना ही नहीं, भयंकर आग से वन विभाग के चीड़ और देवदार के कई पेड़ों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
कच्चे मकान मालिकों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है क्योंकि, सर्दियों के दिनों में ग्रामीण अपने माल-मवेशियों के साथ निचले क्षेत्रों में चले जाते हैं। जंगलों को आग के हवाले करने वाले शरारती तत्वों पर नकेल कसने की ग्रामीणों ने आवाज बुलंद की है।
गत शनिवार से गुईला पंचायत के जंगल में लगाई गई आग ने धीरे-धीरे भयंकर रूप धारण करते हुए मैलीकुड़ी धार पर स्थित ग्रामीणों के चार मकानों को जला दिया है। जंगल में लगी आग की सूचना मिलने के बाद बीते रविवार वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर आग को बुझाने का कार्य आरंभ किया लेकिन, प्रचंड आग की भेंट मिट्टी और लकड़ी के मकान चढ़ गए। खैर, वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम आग पर काबू पाया।
डीएफओ सलूणी सुशील कुमार गुलेरिया के बोल
डीएफओ सलूणी सुशील कुमार गुलेरिया ने बताया कि जंगल में लगी आग के कारण मिटटी-लकड़ी से बने मकान जले हैं। बहरहाल, जंगल की आग में किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं है। बताया कि शरारती तत्वों पर नकेल कसने के लिए ग्रामीणों को भी आगे आना चाहिए।

