केंद्र के बाद हरियाणा ने भी दिया चार फ़ीसदी डीए, हिमाचल प्रदेश में कब मिलेगा?
शिमला – नितिश पठानियां
दीपावली से पहले हिमाचल के सरकारी कर्मचारी और पेंशनरों को चार फ़ीसदी महंगाई भत्ते की बकाया किस्त देने को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को 1 जुलाई 2023 से 4 फरवरी अतिरिक्त क़िस्त दे दी थी। इस कारण हिमाचल में कुल लंबित भुगतान 12 फ़ीसदी का हो गया है। इसमें चार-चार फ़ीसदी की तीन किस्तें शामिल हैं।
इसके बाद पिछले कल हरियाणा सरकार ने भी जुलाई 2022 से लंबित चार फ़ीसदी महंगाई भत्ते को अपने कर्मचारियों को दे दिया। अब हिमाचल सरकार को इस बारे में फैसला लेना है।
चार फ़ीसदी महंगाई भत्ता देने के लिए राज्य सरकार को करीब 415 करोड रुपए चाहिए। इसी तरह यदि 12 फ़ीसदी भत्ते का भुगतान करना हो तो 1200 करोड़ से ज्यादा की धनराशि लगेगी।
दूसरी तरफ राज्य सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड यानी जीपीएफ पर भी ब्याज दर को नहीं बदला है। प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार की ओर से जारी नोटिस के अनुसार जुलाई से सितंबर महीने की तिमाही के लिए राज्य के सरकारी कर्मचारियों को जीपीएफ पर 7.1 फ़ीसदी ब्याज मिलेगा।
राजपत्र में प्रकाशन के साथ महालेखाकार को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। गौरतलब है कि वर्तमान सरकार के दौरान नई पेंशन स्कीम से ओल्ड पेंशन स्कीम में आए कर्मचारियों के जीपीएफ अकाउंट नए खुले हैं। इसीलिए हिमाचल में जीपीएफ सब्सक्राइबर्स की संख्या भी करीब डेढ़ लाख और बढ़ गई है।
फाइनेंस सेक्रेटरी का कार्यभार आरडी नजीम को
राज्य सरकार ने फाइनेंस सेक्रेटरी के पद पर फिर से बदलाव किया है। पहले भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग को इस पद से बदला गया था। तब टूरिज्म तथा शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार को फाइनेंस का जमा दिया गया था।
अब देवेश कुमार विदेश टूर पर ऑस्ट्रेलिया गए हैं। वह दिवाली के बाद ही लौटेंगे। इसलिए इस अवधि के लिए प्रधान सचिव वित्त का अतिरिक्त कार्यभार उद्योग और ट्रांसपोर्ट विभाग संभाल रहे आईएएस अधिकारी आरडी नजीम को दिया गया है।

