
कांगड़ा – राजीव जसवाल
नगर परिषद कांगड़ा के प्रशासन की अनदेखी के कारण पुराना कांगड़ा मिशन की ओर जाने वाली सड़क पर स्थित स्मारक जिसका निर्माण वर्ष 2016 में तत्कालीन नगर परिषद अध्यक्षा सुमन वर्मा की मौजूदगी में नगर परिषद द्वारा करवाया गया था।
वर्ष 1905 में घटित विनाशकारी भूकंप से इस शहर का ऐतिहासिक दुर्ग और प्राचीन मां ब्रजेश्वरी का मंदिर व पूरा शहर लगभग लगभग जमींदोज हो गया था। जिसमे हजारों की संख्या में लोग मारे गए थे। इसी की याद में इस स्मारक का निर्माण करवाया गया था। ताकि सभी मृतक लोगों को हर वर्ष श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके।
आज यही स्मारक नगर परिषद प्रशासन की अनदेखी के कारण भड़भड़ा कर गिर गया। लंबे समय से यह दीवार जगह जगह से टूटती जा रही थी। जिसके कारण स्मारक स्थल को अत्याधिक नुकसान पहुंचा है।
अभी अप्रैल माह को जिला एवं स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस यादगार दिवस पर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए श्रद्धा सुमन अर्पित भी किए गए थे और अधिकारियों द्वारा आश्वासन भी दिलाया गया था कि इस स्मारक को और भव्य रूप देने के लिए सरकार से समुचित धनराशि शीघ्र उपलब्ध करवाई जाएगी। मगर क्या पता था कि इसे भव्य रूप देने से पहले ही है खंडहर बन जाएगा।
अगर समय रहते प्रशासन चेत जाता तो इसे बचाया जा सकता था। अब भारी दीवार के गिरने से लोहे की ग्रिल को भी अत्यधिक नुकसान पहुंचा है। सभी बड़े वीआईपी लोग इसी रास्ते से मंदिर के लिए दर्शन करने के लिए पहुंचते है।
वैसे स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता समय-समय पर नगर परिषद प्रशासन को ऐसे अनेकों असुरक्षित स्थलों की जानकारी देते रहते हैं पर अक्सर देखा गया है कुछ पर कार्यवाही हो जाती है और अधिकतर स्थलो को अंजाम भूकंप स्मारक जैसी घटनाओं जैसा भुगतना पड़ता है।
नगर परिषद अध्यक्षा रेनू शर्मा के बोल
नगर परिषद अध्यक्षा रेनू शर्मा से बात करने पर उन्होंने बताया कि इस मामले में मौके पर जाकर निरीक्षण करके इस दीवार को तुरंत प्रभाव से फिर से बनवाया जाएगा और इसी हफ्ते इसका पुनः निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
एसडीएम कांगड़ा नवीन तंवर के बोल
एसडीएम कांगड़ा नवीन तंवर से बात करने पर उन्होंने बताया कि इस बारे में मौके का निरीक्षण करके संबंधित विभाग को इसे फिर से बनवाने के लिए कहा जाएगा।
