हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में नशे के सौदागरों के खिलाफ कांगड़ा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पालमपुर और शाहपुर क्षेत्रों में ‘चिट्टा’ तस्करी का जाल बिछाने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने PIT-NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
आरोपी सागर शर्मा और उसकी पत्नी ज्योति, जो बार-बार जमानत का दुरुपयोग कर युवाओं को नशे की गर्त में धकेल रहे थे, अब अगले तीन महीनों तक धर्मशाला जिला जेल में प्रिवेंटिव डिटेंशन (निवारक हिरासत) में रहेंगे। पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि आदतन अपराधियों के लिए अब कानून में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
पालमपुर और शाहपुर थाना क्षेत्रों में सक्रिय थे यह दंपति
पुलिस के अनुसार, आरोपी सागर शर्मा (34) और उसकी पत्नी ज्योति (38) को मंगलवार को गिरफ्तार कर जिला जेल धर्मशाला में निरुद्ध किया गया। दोनों पर PIT NDPS Act के तहत कार्रवाई की गई है।
जांच में सामने आया है कि यह दंपति पालमपुर और शाहपुर थाना क्षेत्रों में सक्रिय था और नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त था। दोनों के खिलाफ नशा तस्करी से जुड़े चार-चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पडेर गांव (बल्लह) के मूल निवासी यह दंपति हाल ही में विन्द्रावन इलाके में रह रहा था। पूर्व में इनके कब्जे से चरस भी बरामद की जा चुकी है।
खुफिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि जमानत पर बाहर आने के बाद भी दोनों की गतिविधियों में कोई सुधार नहीं हुआ। दंपति कथित तौर पर युवाओं को नशे की लत में धकेल रहा था, जिससे क्षेत्र की शांति और कानून व्यवस्था पर खतरा बढ़ रहा था।
दोनों आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
वहीं, लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और जमानत का दुरुपयोग करने के चलते पुलिस ने 2 जनवरी 2026 को इनके खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा था।
सक्षम प्राधिकारी ने जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिनियम की धारा 3(1) के तहत दोनों को तीन माह के लिए निवारक हिरासत में भेजने के आदेश जारी किए। आदेश के अनुपालन में पालमपुर पुलिस ने 24 मार्च को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जिला जेल धर्मशाला में निरुद्ध कर दिया।

