हिमखबर – डेस्क
कांगड़ा जिला से ताल्लुक रखने वाले घुमारवीं उपमंडल के एसडीएम गौरव चौधरी ने एक ऑफिसर के रूप में बड़ी मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने नन्हें बेटे का आंगनबाड़ी केंद्र में एडमिशन करवाया है। इस फैसले की चहुं ओर सराहना हो रही है।
एसडीएम का यह फैसला दूसरों के लिए भी प्रेरणा बना है। किसी भी बढ़े पद पर बैठने के बाद हर व्यक्ति अपने बच्चों की शुरुआती शिक्षा नामी स्कूल में करवाने की ख्वाहिश रखता है, लेकिन घुमारवीं के एसडीएम समाज में एक संदेश दिया है।

आंगनबाड़ी जैसी सरकारी संस्थाओं में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे ही ज्यादा पढ़ते हैं। ऐसे में एक अफसर के बेटे का वहां दाखिला होना बड़ी बात है।
आमतौर पर अधिकारियों के बच्चों को हाई सोसायटी के बच्चों को पढ़ाने वाले स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाता है परंतु एसडीएम ने एक आंगनबाड़ी में अपने बच्चे का दाखिला कराया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी के बोल
महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी रंजना के अनुसार एसडीएम द्वारा रटैहल के आंगनबाड़ी केंद्र में अपने बेटे का दाखिला करवाया है।
एसडीएम के बोल
वहीं एसडीएम ने बताया कि वह चाहते हैं कि उनका बेटा आम बच्चों के साथ खेलकूदकर बड़ा हो।

