
चम्बा- भूषण गुरुंग
औद्योगिक परिक्षिक्षण संस्थान पांगी के प्रिशिक्षुओ को करीब सात सौ किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय चंबा जाकर देनी पड़ती है परीक्षा हालांकि सरकार द्वारा पांगी में भी परीक्षा केन्द्र खोला हुआ है लेकिन कनेक्टिविटी न होने के कारण परीक्षा औद्योगिक परिक्षिक्षण संस्थान चंबा में ही करवाई जा रही है।
परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थियों को 20 से25 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। पांगी घाटी ITI संस्थान खोला गया है। इस संसथान में बच्चे कंप्यूटर, इलेक्ट्रिशियन और कटिंग टेलरिंग का परीक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ट्रेंनिग करने वालो और उनके अभिभावकों को चिन्ता उस समय सताने लगती है जब बार्षिक परीक्षा के लिए चंबा का रुख करना पड़ता है। चंबा जाने के लिए वाया कुल्लू मनाली या वाया जम्मू कश्मीर से होकर जाना पड़ता है उसके साथ में चंबा में पांच सात दिनों तक रहने का प्रबन्ध करना पड़ता है।
पांगी घाटी में इन्टरनेट की स्पीड कम होने के कारण पेपर देने के लिए जिला चम्बा का रूख करना पड़ता है। स्थानीय लोगों राम चरण दौलतराम, रोशन लाल, प्रेम राज देस राज सोभा राम गौतम सिंह कांशीराम मदन लाल सुजीराम सुनी राम रंजीत सिंह केवल राम उमेश कुमार श्रीकंठ नीलकंठ मन देव विक्रम सिंह, शेर सिंह, सुमन अर्पित कमला देवी सुमित्रा कुमारी काका राम चंपा देवी रीता कुमारी जनक राज मेहर दत्त का कहना है कि यह कैसा डिजिटल इंडिया कि आज भी 1977-78 के तरह पांगी शिक्षण संस्थान होने के बाबजूद भी पांगी से बाहर परीक्षाएं देने के लिए जाना पड़ता है।
उस समय पांगी के छात्रों को सुड़ला साहो जाना पड़ता था लेकिन उस समय पांगी में परीक्षा केन्द्र नहीं हुआ करते थे आज 21वी सदी में भी यह हाल है। पांगी के सभी सरकारी कार्यालयों में वी सेट लगे हुए हैं एन आई सी (NIC) की सुविधा होने के बाबजूद भी परीक्षाएं पांगी में नहीं करवाई जा रही हैं।
रविन्द्र इन्सटेक्टर औद्योगिक परिक्षिक्षण संस्था पांगी के बोल
पांगी में नट कनेक्टिविटी न होने के कारण ऑनलाइन परीक्षाएं नहीं हो सकती है। एन आई सी में एक साथ बीस कंप्यूटर नहीं चलाये जा सकते हैं। इस बार इलेक्ट्रिशियन और कंप्यूटर ट्रेड के परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए चंबा औद्योगिक परिक्षक्षण संस्था के लिये भेजा गया है। उनके रहने की ब्यबस्था जनजातीय भबन बालू में की गई है। आने जाने का किराया भी सरकारी नॉर्म के मुताबिक दिया जाएगा।
