
शाहपुर-नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से सभी आठ विषयों की अध्यापक पात्रता परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई है। शनिवार को पहले दिन दो विषयों की परीक्षा होगी। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की जानकारी के अनुसार सुबह के सत्र में टीजीटी आटर्स, जबकि सांयकालीन सत्र में शास्त्री विषय के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा का आयोजन करेगा।
इस दौरान 13 नवंबर को होने वाली टीजीटी आर्ट्स की परीक्षा के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 132 परीक्षा केंद्र बनाए हैं, जिनमें 16,829 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। पर 132 परीक्षा केंद्रों में एक केंद्र ऐसा भी है जहाँ पर व्यवस्थाएं शून्य के बराबर है। अब बात यह उठती है की प्रदेश में यह ऐसा एक मात्र केंद्र है जहाँ व्यवस्थाएं नाम मात्र की है या कोई और भी केंद्र ऐसा है? जहां पर अभ्यर्थियों को दिकत का सामना कर पड़ रहा है।
हम बात कर रहे है जिला काँगड़ा के रजोल स्कूल की जो की राष्टीय उच्च मार्ग मंडी – पठानकोट के साथ लगता है। जहां पर आज सुबह टीजीटी आटर्स के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया गया। इस केंद्र में पात्रता परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड पर व्यवस्थाओं को लेकर प्र्शन उठाये है।
अभ्यर्थियों ने कहाँ की शिक्षा बोर्ड द्वारा फीस के तोर पर मोटी रकम बसूल की जाती है। पर जब बात व्यवस्थाओं की आती है तो वो शून्य के बराबर दिख रही है। अभ्यर्थियों ने बताया की स्कूल में जहाँ जहाँ पात्रता परीक्षा ली गई वहाँ पर उन्हें निचे मेट पर बिठाया गया। और मेट की हालत भी देखने लायक नहीं थी। मेट जो थी वो फटी हुई हालत में थी। और ऊपर से सर्दी का आलम।
अभ्यर्थियों का शिक्षा बोर्ड से इतना गिला है की अगर वो इतनी रकम लेकर पात्रता परीक्षा का आयोजन करता है तो इस बात भी ख्याल रखे की परीक्षा केंद्र ऐसी जगह दे जहाँ अभ्यर्थियों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े। अभ्यर्थियों का कहना था की ऐसे काफी स्कूल है जहां व्यवस्थाएं अच्छी हो या परीक्षा से पहले खुद निरिक्षण करे की जहां परीक्षा होने जा रही है वहाँ व्यवस्थाओं को लेकर किस तरह के प्र्भंद है।
