चंबा के पांगी में विधायक की क्लास में देश का नाम नहीं बता पाए थे स्कूल के बच्चे
व्यूरो रिपोर्ट
चंबा पांगी के करयास स्कूल में बच्चों द्वारा देश का नाम न बताए जाने के मामले में मंगलवार को हैडक्वार्टर किलाड़ में डिप्टी डायरेक्टर की ओर से स्कूल के पूरे स्टाफ और सभी सदस्यों को बुलाया गया है। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा इस बारे में खंड निदेशक और बीआरसी से वर्चुअल कान्फे्रंस के माध्यम से जुड़ेंगे।
दरअसल चंबा का यह स्कूल काफी जनजातीय क्षेत्र में है और यहां पर पहुंचना संभव नहीं है। यहां पर नेटवर्क की भी शिकायत है। ऐसे में पूरे स्टाफ को वर्चुअल कान्फे्रंस के लिए हैड क्वार्टर किलाड़ बुलाया गया है।
वहीं शिक्षा निदेशक की ओर से 25 मई को स्कूल के पूरे स्टाफ और अधिकारियों को शिमला भी बुलाया गया है, जहां दिल्ली से पहुंची टीम शिक्षकों से इस पूरे मामले के बारे में जानेगी।
गौर रहे कि चंबा पांगी के इस स्कूल में कुछ दिनों पहले ही भरमौर के विधायक जनकराज ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जब क्लास में बच्चों से देश का नाम पूछा गया, तो बच्चे अपने देश का नाम नहीं बता सके। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने देश का नाम पूछा, तो वे एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे।

विधायक ने दोबारा पूछा तो बच्चे चुप हो गए। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अध्यापकों से पूछताछ की और कार्यकर्ताओं से भी इसको लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। साथ ही इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से करने की बात कही।
विधायक ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र पांगी जिले का सबसे दुर्गम क्षेत्र है। ऐसे में यहां प्राथमिक स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को इस प्रकार से पढ़ाई करवाई जाएगी, तो आने वाले समय में ये बच्चे अपना भविष्य किस प्रकार से सुधार पाएंगे। इस बात को लेकर उन्होंने गहन चिंता जाहिर की।
यह मामला सोशल मीडिया पर काफी बार हुआ, जिसके बाद अब दिल्ली से खास तौर पर इसके लिए टीम आएगी। इस वीडियो के वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों से हडक़ंप मच गया है। लापरवाह शिक्षकों पर पूरे मामले के चलते गाज गिर सकती है।

