अफगानिस्तान में कट्टर शरिया कानून लागू करेगा तालिबान, जज गुल रहीम ने दिखाई क्रूर शासन की एक झलक

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समलैंगिकों को मिलेगी खौफनाक मौत, चोरों के काटे जाएंगे हाथ, जज गुल रहीम ने दिखाई क्रूर शासन की एक झलक

व्यूरो, रिपोर्ट

अफगानिस्तान पर अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ ही तालिबान ने साफ कर दिया है कि उसके राज में आवाम को कट्टर कानूनों का पालन करना होगा और ऐसा न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। तालिबानी जज गुल रहीम ने अपने क्रूर शासन की एक झलक पेश करते हुए बताया कि समलैंगिकों को खौफनाक मौत दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि यदि यह पाया जाता है कि कोई व्यक्ति समलैंगिक संबंधों में लिप्त है, तो उसके ऊपर दीवार गिराई जाएगी। इसके अलावा, महिलाओं पर भी कड़े प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, तालिबानी जज गुल रहीम का कहना है कि चोरी करने की सजा के रूप में अपराधियों के हाथ और पैर काट दिए जाएंगे।

यही नहीं मध्य अफगानिस्तान में तालिबान के नियंत्रण वाले इलाकों में महिलाओं को घर से बाहर निकलने के लिए परमिट लेना होगा। वह अकेले बाहर नहीं जा सकेंगी। जज रहीम ने कहा कि अमरीका के जाने के बाद यदि तालिबान पूरे देश पर कब्जा कर लेता है, तो हमारा उद्देश्य अफगानिस्तान में शरिया कानून लागू करना होगा।

तालिबानी जज ने कहा कि शरिया कानून लागू करना हमारा लक्ष्य है और हमेशा रहेगा। जज गुल रहीम ने इंटरव्यू में अपने हालिया फैसला का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने अंगूठी चुराने के दोषी एक व्यक्ति के हाथ काटने के आदेश दिए थे। फैसला सुनाते वक्त मैंने अंगूठी के मालिक से पूछा था कि क्या वह चाहता है कि चोर का पैर काट दिया जाए,लेकिन मालिक ने कहा कि हाथ काटना ही पर्याप्त होगा। ऐसे ही एक अन्य आदेश में रहीम ने अपहरण में शामिल एक गिरोह के सदस्यों को फांसी की सजा देने का आदेश दिया था।

सभी टीचर महिला हों,तो स्कूल जा सकेंगी लड़कियां

इंटरव्यू के दौरान गुल रहीम ने कहा कि हमने महिलाओं के अकेले घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है। यदि उन्हें बाहर जाना है तो उनके साथ शौहर, पिता या भाई का होना अनिवार्य है। महिलाओं को बाहर जाने के लिए परमिट भी लेना होगा। तालिबानी जज ने कहा कि लड़कियों को स्कूल जाने की छूट होगी, लेकिन यह तभी मुमकिन है जब स्कूल की सभी टीचर महिला हों और स्कूल के अंदर सभी के लिए हिजाब पहनना जरूरी हो।

क्राइम के आधार पर सजा

तालिबानी जज ने आगे कहा कि हम अपराध के आधार पर सजा तय करते हैं। सबसे पहले अंगुलियों को काटा जाता है और यदि गुनाह ज्यादा बड़ा है तो फिर हाथ और उसके बाद पैरों को काटने का हुक्म दिया जाता है। बहुत गंभीर अपराधों में ही पत्थर मारकर या फांसी पर लटकाकर मौत की सजा दी जाती है। समलैंगिकों को सजा देने के बारे में रहीम ने कहा कि या तो उन्हें पत्?थर मारकर मौत की सजा दी जाएगी या उनके ऊपर दीवार गिराई जाएगी, जो निश्चित रूप से 8 से 10 फुट ऊंची होनी चाहिए।

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