व्यूरो रिपोर्ट
जिला हमीरपुर के नादौन ब्लाक के तहत खोरड गांव से संबंधित पूर्व सैनिकों के परिवार उपायुक्त कार्यालय हमीरपुर में पहुंचे। पूर्व सैनिकों के परिवारों ने गांव तक सड़क न बन पाने का रोष जताते हुए अपने मेडल उन्हें वापिस करने लगे लेकिन उपायुक्त ने इन्हें लेने से मना कर दिया और मौके पर ही एसडीएम को निर्देश दिए कि वह गांव का दौरा कर वहां सड़क सुविधा जोड़ने को लेकर पंचायत को कड़े निर्देश दें।
पूर्व सैनिक स्व. सुबेदार उपदेश कुमार की पत्नी अमृत कुमारी का कहना है कि इन मेडल को इसलिए वापस करना है क्योंकि उनके पति ने सेना में रहते हुए देश की सेवा की लेकिन उनके गांव तक सड़क सुविधा ही नहीं बन पाई।
जबकि, प्रशासन के पास डेढ़ साल में तीन बार दौरा किया और जिला प्रशासन ने पंचायत को 3 बार ही वहां एंबुलेंस रोड निर्माण कार्य करने के निर्देश दिए लेकिन अभी तक रोड का निर्माण नहीं हो पाया।
रोड का आज तक निर्माण कार्य नहीं हुआ शुरू
वहीं, सूबेदार प्रीतम सिंह का कहना है कि बीते डेढ़ साल में प्रशासन के दरबार कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनके गांव के लिए रोड का निर्माण ही नहीं किया गया। आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है ।
एंबुलेंस रोड रास्ते का निर्माण करने की उनकी मांग है। ताकि, कोई बुजुर्ग यदि रात में बीमार पड़ जाए तो एंबुलेंस सुविधा उनके गांव तक तो पहुंच सके।
लोगों का कहना है कि डीसी ने 9 मार्च 2022 को आदेश देकर निर्माण कार्य शुरू करने को कहा था। लेकिन पंचायत सिर्फ एक परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए इस एंबुलेंस रोड का निर्माण कार्य शुरू नहीं कर रही है।
इसलिए गांव के लोग जो पूर्व सैनिक है और उन्हें देश सेवा के लिए मेडल मिले हैं वह अब उन्हें लौटाना चाहते हैं। लोगों का कहना कि जब तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं होगा तब तक ये मेडल नहीं लेंगे।
उपायुक्त ने नहीं लिए मेडल
जिला उपायुक्त हेमराज बैरवा का कहना है कि खोरड गांव के कुछ ग्रामीण उनके पास आए थे और सड़क सुविधा बनाने की मांग उठाई है। जो व्यक्ति वहां अवरोध पैदा कर रहा है उस समस्या को हल करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं ।एसडीएम नादौन को 2 दिन के भीतर वहां मौके पर जाकर कार्य शुरू करवाने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। रोड जल्द से जल्द बनेगा।

