नूरपुर – स्वर्ण राणा
प्रदेश में मनरेगा के नाम परिवर्तन को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम के बीच नूरपुर में वीबी-जी-राम जी जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी ने एक सशक्त प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सुलह केविधायक विपिन सिंह परमार ने स्पष्ट किया कि भाजपा की सरकार का एकमात्र लक्ष्य है – गांव, गरीब, किसान और मजदूर का सशक्तिकरण।
इस अवसर पर नूरपुर के विधायक रणवीर निक्का, इंदौरा की पूर्व विधायक रीता धीमान, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा, जिला अध्यक्ष राजेश काका, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप शर्मा, जिला महामंत्री कुलदीप डोगरा, राजेश्वर ठाकुर, युवा जिला अध्यक्ष सभ्य लोटियां तथा ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष पवन चौधरी सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्र से जारी रहेगी 90:10 के रूप में मदद
विपिन सिंह परमार ने कहा कि भारत गांवों में बसता है और आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत को विकास की मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को केंद्र से 90:10 के अनुपात में वित्तीय सहायता पहले की तरह लगातार मिलती रहेगी और इसमें कोई कटौती नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण सडक़ों, जल जीवन मिशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं में रिकॉर्ड स्तर पर निवेश हो रहा है, जिससे गांव आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
संसद में भागती है कांग्रेस
परमार ने कहा कि कांग्रेस गंभीर विषयों पर संसद में चर्चा से भागती रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर 18 घंटे की ऐतिहासिक बहस के बाद भी कांग्रेस ने जवाब सुनने की बजाय हंगामा करना ही उचित समझा, जो उसकी असली सोच को उजागर करता है।
मनरेगा नहीं, अब ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मिशन
भाजपा की विचारधारा को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी का मूल मंत्र अंत्योदय से सर्वोदय है। कांग्रेस ने वर्षों तक केवल योजनाओं के नाम बदलकर गरीबों को भ्रमित किया, जबकि भाजपा ने व्यवस्था बदली और जमीन पर परिणाम दिए। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत इस वर्ष 1.51 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट दिया गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया है।
काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान भी सरकार ने किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाम बदलने पर राजनीति करने वालों को यह समझना चाहिए कि भाजपा की प्राथमिकता नाम नहीं, काम है। मनरेगा आज भी ग्रामीण गरीबों के लिए सुरक्षा कवच है और भाजपा सरकार इसे और अधिक प्रभावी बनाकर हर गांव तक उसका लाभ पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

