गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों के चयन को लेकर सरकार ने मनरेगा में काम के नियम में किया संशोधन
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों के चयन को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं।
विभाग की ओर से पहले जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया गया है कि ऐसे परिवार, जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत 50 दिन से कम काम किया है, उन्हें बीपीएल सूची में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
सरकार ने यह निर्णय 19 मार्च, 2025 और चार फरवरी, 2026 को जारी निर्देशों के क्रम में लिया है। संशोधित आदेश के अनुसार पहले चरण से चौथे चरण तक हुए सर्वे के दौरान प्राप्त आवेदनों पर भी विचार किया जाएगा।
साथ ही नए आवेदन 12 मार्च, 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। ग्रामीण विकास विभाग ने निर्देश दिए हैं कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 मार्च तक खंड स्तरीय समिति द्वारा पात्र परिवारों की पंचायतवार सूची जारी की जाएगी।
यह सूची बीपीएल सर्वे के पांचवें चरण के रूप में प्रकाशित की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले से फेस एक से फेस चार के तहत की गई सभी कार्यवाहियां, तैयार की गई सूचियां और लिए गए निर्णय पहले की तरह मान्य रहेंगे।
पांचवें चरण के लिए संशोधित मानदंडों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सत्यापन, अनुमोदन, अपील, अभिलेख संशोधन और समय-सीमा से जुड़ी प्रक्रिया पहले जारी अधिसूचनाओं के अनुसार ही पूरी की जाएगी।
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से यह आदेश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को भेज दिया गया है, ताकि निर्देशों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को भी व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश सरकार के इस फैसले से ऐसे जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब तक बीपीएल सूची से बाहर रह गए थे।

