ABVP चंबा ने SFD के माध्यम से चलाया “एक विद्यार्थी एक पौधा” अभियान

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SFD इकाई चम्बा द्वारा लगाए 100 पौधे

चम्बा – भूषण गुरुंग                                                                                              

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई चंबा द्वारा आज विकासार्थ विद्यार्थी के माध्यम से एक विद्यार्थी एक पौधा नामक अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत जिला चम्बा के रजेरा (गुड्डा) नामक स्थान पर प्रत्येक विद्यार्थी द्वारा एक एक पौधा लगाया गया। इस अभियान में अन्य कुछ लोग भी शामिल रहे जिन्होंने इस अभियान में बड़ चढ़ कर भाग लिया।

यह अभियान करीब 2 से 3 घंटे तक चला। जिसमें तपती धूप में भी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने अपना भरपूर योगदान दिया। विकासार्थ विद्यार्थी हर साल देश- प्रदेश भर में पौधारोपण का कार्यकर्म करवाती है एवम विद्यार्थियों को इस कार्यकर्म में बढ़ चढ़ कर सहभागीता लेने के लिए प्रोत्साहित करती है।

आज के इस कार्यकर्म मे 40 विद्यार्थियों ने भाग लिया। जिसमे सभी विद्यार्थियों ने साथ मिलकर 100 से अधिक पोधो का पौधारोपण किया। इस कार्यकर्म मे सभी विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया एवम उत्साह के साथ मिलकर सभी पोधे लगाए।

एसएफडी का कार्य 1990 मे शुरू हुआ। जिसकी स्थापना पर्यावरण सरक्षण,नेचुरल वाटर सोर्स जो खतम हो रहे है उनको गोद लेके उनको सरक्षित करने का कार्य भी करती हैं एवं साथ ही साथ स्वच्छता अभियान भी चलाती हैं। विद्यार्थियों में वन और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से जिले में ‘एक विद्यार्थी-एक पौधा’ अभियान चलाया।

विकासार्थ विद्यार्थी के जिला संयोजक आशीष ठाकुर ने कहा कि पेड़ो को हमारे जीवन में कितना महत्व है पेड़ों से लेकर फूलों तक, पौधे हमारे ग्रह पर जीवन के लिए बहुत ज़रूरी हैं। यहाँ आप भोजन, आवास और अन्य चीज़ों के रूप में पौधों के महत्व के बारे में सब कुछ जान सकते हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ वर्षों में प्राकृतिक आपदाएँ पहले से कहीं ज़्यादा और तीव्र हो गई हैं। जंगल की आग, बाढ़, लंबे समय तक सूखा और विशेष रूप से अत्यधिक फसल ने बड़े क्षेत्रों को वनों से वंचित कर दिया है। जो क्षेत्र कभी उपजाऊ थे वे नष्ट हो गए हैं और अधिक से अधिक कृषि भूमि बंजर हो गई है।

प्राकृतिक आपदाओं के परिणामस्वरूप वनों की कटाई, भारी बारिश के बाद जंगली कीचड़, मरे हुए जानवर और वीरान गाँव हैं। संक्षेप में, उपजाऊ और उपयोग योग्य भूमि बेकार हो गई है। इसका जलवायु परिवर्तन पर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए।

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