
सिरमौर- नरेश कुमार राधे
देश में ताजमहल को लेकर एक बहस छिड़ी हुई है। दरअसल, हिमाचल में सिरमौर रियासत के अंतिम शासक महाराज राजेंद्र प्रकाश की नातिन सांसद दीया कुमारी ने ताजमहल की जमीन को जयपुर राजघराने की संपत्ति बताया है।
खास बात ये है कि भाजपा सांसद दीया कुमारी के छोटे बेटे लक्ष्यराज प्रकाश का मंगल तिलक मई 2013 में सिरमौर रियासत के शाही महल में हुआ था। रिश्ते में दीया कुमारी, सिरमौर के अंतिम शासक की नातिन है।
बेशक ही राजशाही का युग समाप्त हुए दशकों बीत चुके हैं, लेकिन राजघरानों में चल रही रीत के मुताबिक अब सिरमौर रियासत के शासक लक्ष्यराज प्रकाश हैं। गौरतलब है कि मंगल तिलक से पहले लक्ष्यराज प्रकाश का गोत्र भी बदला गया था। राज्याभिषेक के शब्द को बदलकर मंगल तिलक किया गया था।
सिरमौर के अंतिम शासक महाराजा राजेंद्र प्रकाश की जयपुर के महाराजा मानसिंह द्वितीय से गहरी दोस्ती थी। दोनों एक साथ पोलो खेला करते थे। शासक राजेंद्र प्रकाश व इन्दिरा देवी के घर जन्मी पद्मिनी देवी को इस समय जयपुर के राजघराने में राजमाता का दर्जा हासिल है।
सांसद दीया कुमारी राजमाता पद्मिनी देवी व भवानी सिंह की इकलौती संतान है। चंद सप्ताह पहले ही सांसद का छोटा बेटा लक्ष्यराज दो रोज के लिए नाहन आया था। रियासत का ध्वज भी मुख्य गेट पर लहराया गया था। इस दौरान लक्ष्यराज के पिता नरेंद्र सिंह भी साथ आये थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में दीया कुमारी शिमला संसदीय क्षेत्र में भाजपा के चुनाव प्रचार के लिए भी नाहन आई थी।
समूचे देश में सांसद दीया कुमारी इस समय इस कारण चर्चा में है, क्योंकि दीया कुमारी ने दावा किया है कि ताजमहल की मौजूदा जमीन पर जयपुर के पुराने राजपरिवार का महल हुआ करता था। जिस पर शाहजहां ने कब्जा कर लिया था। दीगर है कि जयपुर के राजघराने की अकूत सम्पत्ति की देखभाल दिया कुमारी के हाथ में है।
भाजपा सांसद ने कहा कि उनके पोथी खाने में ताजमहल से जुड़े तमाम दस्तावेज मौजूद हैं। कोर्ट के आदेश पर दस्तावेज उपलब्ध करवाए जा सकते हैं। दीया कुमारी ने ये भी कहा है कि वो ये नहीं कह रही हैं कि ताजमहल को तोड़ देना चाहिए, लेकिन बंद कमरों को खोलकर जांच जरूर की जानी चाहिए।
दरअसल, भाजपा के अयोध्या मीडिया प्रभारी डॉ. रजनीश सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर कर 22 कमरों को खोलने की मांग की है। उन्होंने बंद कमरों में हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियां होने की संभावना जताई है। इसके बाद ही सांसद दीया कुमारी ने ताजमहल पर मालिकाना हक जताया है।
गौरतलब है कि दीया कुमारी के बड़े बेटे पदमनाभ को जयपुर के राजघराने की विरासत सौंपी जा चुकी है। बकायदा राज्याभिषेक हुआ था। घराने की रिवायत के मुताबिक जयपुर की राजगद्दी खाली न रहे लिहाजा नाती को राजगद्दी दी गई है।
राजकुमारी दीया कुमारी जयपुर राजघराने से हैं। यह राजघराना खुद को भगवान राम का वंशज मानता है। दावा है कि राजकुमारी दीया कुमारी के पिता महाराजा सवाई भवानी सिंह, भगवान राम के बेटे कुश के 309 वें वंशज थे।
राजकुमारी दीया सिंह ने ये भी कहा है कि मकबरा बनने से पहले इस जगह क्या था, इसकी जांच की जानी चाहिए। लोगों को यह जानने का अधिकार है कि मकबरे से पहले वहां क्या था? बता दे कि राजकुमारी दीया कुमारी की एक बेटी भी है, आपसी सहमति से 2018 में पति से तलाक हो गया था।
