
ब्यूरो- रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के जिला कागड़ा के प्रागपुर ब्लाक में अनियमितता के चलते रिकवरी का मामला प्रकाश में आया है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के सबसे बड़े पँचायत ब्लाक प्रागपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत प्रागपुर का यह मामला है।
पुरानी पँचायत के कार्यालय के समय 14 वे वित्त आयोग के समय ग्राम पंचायत प्रागपुर में ग्राम पंचायत प्रागपुर में निर्माण पुली और मरम्म्त रास्ता प्रकाश चंद से दलित बस्ती तक कार्य किया गया था। जिसको लेकर गांव के ही व्यक्ति ने आर टी आई से जानकारी प्राप्त की थी।
जिस पर उक्त व्यक्ति ने कार्य से सन्तुष्ट ना होने के कारण वर्ष 10 ओर 11 नम्बबर 2020 को लेकर मुख्यमंत्री हेल्प लाइन 1100 पर शिकायत की गई थी। जिसमें क्रमशः शिकायत सख्या 329458 ओर 329589 दर्ज हुई थी।
जब मामले की जांच की गई तो कार्यालय में जांच रिपोर्ट दी गई कि जिस समय तकनीकी सहायक द्वारा मुरम्मत रास्ता का मूल्यांकन जो है 1 लाख 44 हजार 836 रुपये व्यय आंका गया।
परंतु जब सहायक अभियंता ब्लाक देहरा द्वारा पुर्नमूल्यांकन किया गया तो उसमें 82 हजार 271 राशि व्यय आंकी गई।इसी तरह जब निर्माण पुली का मूल्यांकन जो है 1 लाख 42 हजार 491 रुपये व्यय आंका गया। जब उस निर्माण पुली का पुनर्मूल्यांकन किया गया तो 86829 रुपये राशि रुपये व्यय आंका गया।
जांच अधिकारी सहायक अभियंता द्वारा खंड विकास कार्यालय में जो रिपोर्ट पेश की गई है। सहायक अभियंता रिपोर्ट व बयानों में पाया गया है कि उक्क्त कार्यो का मूल्यांकन जो है तकनीकी सहायक द्वारा किया गया है।
कार्यो का मूल्यांकन तकनीकी सहायक द्वारा उस समय सही तरीके से किया गया होता तो उपरोक्त राशि की वसूली नही होती। राशि ना चुकाने पर तकनीकी सहायक के वेतन से राशि काटी जाएगी। मामले की पुष्टि खंड विकास अधिकारी कंवर सिंह ने की है।
उपायुक्त कांगड़ा के बोल
जिलाधिकारी कागड़ा डाक्टर निपुण जिंदल से जब इस बाबत बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला उनके ध्यानार्थ लाया गया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
प्रश्न तो अब उन कार्यों के मूल्यांकन पर भी उठ गया जिनका मूलयांकन तकनीकी सहायक द्वारा किये गए है ?
