अंतिम सफर पर निकले राजा अदित्य देव चंद कटोच

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पालमपुर- बर्फू

पूर्व केंद्रीय मंत्री चंद्रेश कुमारी के पति एवं लंबागांव रियासत के 488 वें राजा अदित्य देव चंद कटोच का गुरुवार को लंबागांव के कुंज्जेश्वर महादेव श्मशानघाट में हिंदू रिति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे ऐश्वर्य कटोच ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।

आदित्य देव चंद कटोच का बुधवार शाम धर्मशाला में निधन हो गया था, उनकी आयु 78 वर्ष थी। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। राजा आदित्य देव चंद कटोच का जन्म 25 दिसंबर, 1943 में राजा ध्रुव देव चंद कटोच के घर हुआ। आदित्य देव चंद अपनी रियासत के 488वें राजा थे।उनकी शिक्षा देहरादून स्थित दून स्कूल से हुई थी।

वहीं, चार दिसंबर, 1968 को जोधपुर राजघराने के महाराज गजसिंह की बड़ी बहन रानी चंद्रेश कुमारी से वह परिणय सूत्र में बंधे थे। राजा आदित्य देव चंद ने 1990 में कांग्रेस के टिकट से उस समय थुरल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा।

बुधवार शाम राजा के देहावसान के उपरांत गुरुवार सुबह उनकी पार्थिव देह धर्मशाला से लंबागांव इनके राज महल लंबागांव लाया गया, जहां अंतिम दर्शनों के लिए रखने के बाद राजमहल से शवयात्रा कुंज्जेश्वर महादेव श्मशानघाट ले जाया गया।

शव यात्रा में ये रहे उपस्थित

शव यात्रा में स्थानीय लोगों के साथ पूर्व सांसद चंद्र कुमार, जयसिंहपुर के पूर्व विधायक यादविंद्र गोमा, सुलाह के पूर्व विधायक जगजीवनपाल, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन जगदीश सिपहिया, जिला परिषद सदस्य संजय राणा, केवल सिंह पठानिया, नरदेव कंवर, रणजीत सिंह, विनोद मेहरा, लंबागांव पंचायत के उपप्रधान हरिदास, बागकुल्जा पंचायत के पूर्व प्रधान ईल्मुद्दीन व जगमेल कटोच सहित अन्य सैकड़ों लोगों ने राजा को अंतिम विदाई दी । प्रशासन की तरफ से एसडीएम पवन शर्मा व तहसीलदार अभिषेक भास्कर ने श्रंद्धाजलि दी।

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