
बिलासपुर- सुभाष चंदेल
ईमानदारी से नौकरी करने और सरकारी जमीन से सड़क निकालने से मना करने की सजा भुगत रहे फॉरेस्ट गार्ड पर हमला करने वाले आरोपियों को पुलिस ने तीन दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। ऑन ड्यूटी फॉरेस्ट गार्ड पवन कुमार पर हमला करने वाले राकेश और सुखदेव को पुलिस ने उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई तलाई थाना प्रभारी कर्म सिंह की अगुवाई में गई टीम ने की है।
भले ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हों, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस पवन कुमार को न्याय दिला पाएगी? क्योंकि जिन हमलावरों को पकड़ने में पुलिस को तीन दिन लग गए, उन्हें उनके किए की सजा देने में कितना वक्त लगेगा ? या दबंग आसानी से बाहर आ जाएंगे और फिर कोई और पवन कुमार या होशियार सिंह सामने आएगा ?
अगर ये दबंग आसानी से छूट जाते हैं तो फिर कोई पवन कुमार ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करने की हिमाकत नहीं करेगा। शासकीय कार्य में बाधा, जानलेवा हमला और ऑन ड्यूटी सरकारी कर्मचारी पर हमला गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं। अब देखना होगा कि पुलिस किस तरह से अपनी कार्रवाई को अंजाम देती है और आरोपियों को सलाखों के पीछे तक लेकर जाती है।
यह है पूरा मामला
बिलासपुर के झंडूत्ता की खरली बीट के प्रभारी फॉरेस्ट गार्ड पवन कुमार शनिवार रात को ड्यूटी पर तैनात थे। इस दौरान गांव के ही राकेश और सुखदेव ने पवन कुमार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में पवन कुमार की कलाई में फ्रैक्चर, आंख के ऊपर की हड्डी में फ्रैकचर हुआ है साथ गाल पर गहरा घाव है और आंख में भी चोट समेत अंदरूनी चोटें आई हैं।
हमले के बाद हमलावर फरार हो गए थे। फिलहाल पुलिस ने अब आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अभी भी उचित कार्रवाई की उम्मीद है, ताकि जो होशियार सिंह और पवन कुमार के साथ हुआ वो किसी और के साथ ना हो।
