
शाहपुर- नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य की दृष्टि से बड़े दावे किए जाते है परन्तु यह दावे खोखले सावित हो रहे है। ऐसा ही एक वाक्य सामने आया है, नागरिक चिकित्सालय शाहपुर में, जहां एक अल्ट्रासॉउन्ड मशीन सफ़ेद हाथी बानी हुई है। कई गरीब अपना इलाज सरकारी अस्पताल में करवाने आते है पर बह तब लचर हो जाते है जब उन्हें यह कह कर लौटाया जाता है की यह अल्ट्रासॉउन्ड मशीन खराब है। उन्हें प्राइवेट में अपना अल्ट्रासॉउन्ड करवाना पड़ता है। गौर हो की यहां दो मशीने है और दोनों खराब पड़ी है।
यहां इलाज करवाने आए अमित शर्मा, मंजू शर्मा, बेबी, अभिषेक, भावना, लता, शिखा आदि ने बताया की उन्हें यह कह कर वापिस लौटाया गया की यह अल्ट्रासॉउन्ड मशीन खराब है और आप अपना अल्ट्रासॉउन्ड कहीं और से करवा ले। उन्होंने प्रदेश स्वस्थ्य मंत्री डॉ राजीव सैजल से अपील की है की अस्पताल में नई अल्ट्रासॉउन्ड मशीन मुहैया करवाई जाए ताकि लोगों को दिक्क्तों का सामना ना करना पड़े।
वहीं कांग्रेस प्रदेश महासचिव केवल सिंह पठानियां ने कहा की नागरिक चिकित्सालय शाहपुर 25 पंचायतो का एकमात्र अस्पताल है। अस्पताल की हालत को देखते हुए वर्तमान सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे खोखले नज़र आते है। सरकार ने शाहपुर अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्ज़ा तो दे दिया है लेकिन सुविधाएं डिस्पेंसरी से भी कम है।
उन्होंने कहा की स्थानीय विधायक और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री के घर से अस्पताल की दुरी 200 मीटर है। उसके बावजूद ऐसी असुविधाएं अचम्बा करती है। उन्होंने प्रदेश सरकार से अपील की है की जल्द से जल्द सुविधाएं मुहैया करवाई जाए। हो सके तो नई अल्ट्रासॉउन्ड मशीन नागरिक चिकित्सालय शाहपुर को दी जाए जिससे विधानसभा शाहपुर की गरीब जनता को अल्ट्रासॉउन्ड के लिए प्राइवेट में जाकर पैसे ना खर्च करने पड़े।
इस बावत जब शाहपुर नागरिक अस्पताल के डॉ सन्नी धीमान से बात की गई तो उन्होंने कहा की अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन बहुत पुरानी है और कुछ दिनों से सॉफ्टवेयर की दिक्कत के चलते खराब है। जिसके लिए हमने कल ही चंडीगड़ में टेक्निशन से बात की है। वो 4 -5 दिन में आएँगे और सॉफ्टवेयर अपलोड कर देंगे। जिससे अल्ट्रासॉउन्ड की सुविधा लोगो को फिर से मिलनी शुरू हो जाएगी।
