
नूरपुर, देवांश राजपूत
नूरपुर ब्लॉक की लौहारपुरा पंचायत के पृथि चन्द पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।पृथि चन्द कुछ दिन पहले कोरोना पाज़िटिव आया था। फिर उसके परिवार के सदस्य भी कोरोना पाज़िटिव आ गए, जिसके कारण सारे परिवार को घर पर ही आइसोलेट होना पड़ा।
पृथि चंद की फसल खेतो में तैयार पड़ी थी, परन्तु आइसोलेट होने की वजह से उन्होंने खेत के पास रहने वाले परिवार से फसल की देखभाल और कटाई को थरैसिग के लिए कहा।खेत के पास रहने वाले परिवार ने फसल की कटाई करवा कर थरैसिग करवाना शुरू की।
फसल भीगी होने पर शाम तक सारी फसल थरैसिग नहीं हो पाई। मगर रात आठ बजे अचानक फसल में आग लग गई,जब तक की खेत के पास रहने वाले खेत में पहुंचे तब तक सारी फसल जल कर राख हो चुकी थी।
लौहारपुरा पंचायत प्रधान कृष्ण हीर ने बताया कि मुझे साढ़े नौ बजे पृथि चंद का फोन आया कि हमारी खेत में गेहूं जल गई है। यह परिवार कोरोना पाज़िटिव होने के कारण घर पर ही आइसोलेट था और इन्होंने वहां के वार्ड सदस्य से मदद मांगी थी कि हमारी फसल कटवा कर थरैसिग करवा देना।
वार्ड सदस्य के पति ने बताया कि रात को अचानक आग लगी देख कर जब वह पहुंचे गेहूं जल चुकी थी। जो थरैसिग द्वारा गेहूं निकाली गई थी उसमें से भी गेहूं जल गई है। तकरीबन 18-19 वोरी की गेहूं जल गई है। मेरी सरकार और प्रशासन से गुजारिश है कि किसान पृथि चंद मदद करे। एक तो वह कोरोना पाज़िटिव होने से परेशान है और घर पर आइसोलेट है, दूसरा उसकी फसल जल कर राख हो गई है।
वार्ड सदस्य के पति अरुण कुमार ने बताया कि कोरोना पाज़िटिव पृथि चंद ने हमें फसल कटवाने के लिए कहा था।हमने मजदूर लगा कर उसकी फसल कटवा दी और थरैसिग करवा रहे थे। फसल बारिश से भीगी होने के कारण सारी फसल कल थरैसिग नहीं हो पाई थी, आज करवानी थी।
मगर रात अचानक उसमें आग लग गई जिससे पृथि चंद की 19 वोरी गेहूं की फसल जल गई। जो गेहूं थरैसिग हो चुकी थी हमने उन्हें बता दिया था वो आज किसी तरीके से उठानी थी पर वो भी आग लगने से जल गई।
