हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने में सरकारी प्रोत्साहन योजनाएं अहम भूमिका निभा रही हैं, ‘हिल थ्रिल’ एग्रो प्रोसेसर की सफलता की कहानी ग्रामीण उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है, चार दोस्तों ने मिलकर शुरू किया उद्योग, सरकार से मिला 84 लाख रुपये का अनुदान; फल-सब्जियों से तैयार हो रहे 50 से अधिक उत्पाद
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही हैं। इसका उदाहरण मंडी जिला की चच्योट तहसील के बाढू गांव में स्थापित ‘हिल थ्रिल एग्रो प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड’ है। चार दोस्तों की पहल से शुरू हुई यह इकाई आज 70 लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा रही है। कंपनी को एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत 84 लाख रुपये का सरकारी अनुदान भी मिला है।
स्थानीय स्तर पर स्थापित यह इकाई फल एवं सब्जियों के प्रसंस्करण के माध्यम से क्षेत्र के कृषि और बागवानी उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवा रही है। साथ ही, ग्रामीण युवाओं और अन्य लोगों को घर के नजदीक रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है।
चार दोस्तों ने मिलकर शुरू किया उद्योग
कंपनी के प्रबंध निदेशक खीरामणी के अनुसार, वह पहले निजी क्षेत्र में नौकरी करते थे। इसी दौरान उन्होंने अपने तीन साथियों भागीरथ चौहान, रविंद्र और इल्मदीन अली के साथ मिलकर गांव में ही उद्योग स्थापित करने का विचार किया।
उनका उद्देश्य ऐसा उद्यम शुरू करना था, जिससे स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिल सके और उन्हें नौकरी की तलाश में दूसरे शहरों या राज्यों का रुख न करना पड़े। इसी सोच के साथ हिल थ्रिल एग्रो प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की गई।
कंपनी ने जनवरी 2023 में व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया। शुरुआत से ही इकाई का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फल एवं सब्जियों का प्रसंस्करण कर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करना और उन्हें बाजार तक पहुंचाना रहा है।
फल-सब्जियों से तैयार हो रहे 50 से अधिक उत्पाद
वर्तमान में कंपनी में अचार, चटनी, जैम, फ्रूट वाइन, फ्रूट साइडर और एप्पल साइडर विनेगर सहित 50 से अधिक किस्मों के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि एवं बागवानी उत्पादों का प्रसंस्करण कर तैयार किए जाने वाले इन उत्पादों को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होने के साथ ही कृषि और बागवानी आधारित उद्यमिता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
सरकारी अनुदान से कारोबार को मिली मजबूती
कंपनी के प्रबंध निदेशक खीरामणी ने बताया कि इकाई के विस्तार और संचालन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसके बाद एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत वर्ष 2024 में कंपनी को 84 लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई।
उन्होंने बताया कि सरकारी सहायता इकाई के विकास और उत्पादन गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुई है। उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की प्रोत्साहन योजनाएं स्थानीय उद्यमियों को अपने व्यवसाय का विस्तार करने और नए रोजगार सृजित करने में मदद करती हैं।
हिमाचल समेत चार अन्य क्षेत्रों में पहुंच रहे उत्पाद
हिल थ्रिल एग्रो प्रोसेसर के उत्पादों की मांग हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में भी है। दूसरे राज्यों में आपूर्ति शुरू होने से कंपनी के कारोबार का विस्तार हुआ है।
कंपनी का उद्देश्य स्थानीय कृषि एवं बागवानी उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध करवाना है। इससे किसानों की उपज के बेहतर उपयोग और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
24 से बढ़कर 70 हुई कर्मचारियों की संख्या
हिल थ्रिल एग्रो प्रोसेसर ने रोजगार उपलब्ध करवाने के मामले में भी उल्लेखनीय विस्तार किया है। शुरुआत में कंपनी में 24 कर्मचारी कार्यरत थे, जबकि वर्तमान में यहां 70 लोगों को रोजगार मिल रहा है।
इनमें से 40 कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। कंपनी में काम करने वाले स्थानीय युवाओं और अन्य कर्मचारियों को रोजगार के साथ-साथ अपने कौशल को बेहतर बनाने के अवसर भी मिल रहे हैं।
घर के नजदीक रोजगार मिलने से खुश हैं स्थानीय लोग
ग्राम पंचायत बाढू की प्रधान सीता ठाकुर ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में प्रसंस्करण इकाई की स्थापना एक बड़ी उपलब्धि है। इससे स्थानीय लोगों को अपने घर के नजदीक रोजगार मिल रहा है और उन्हें नौकरी के लिए बाहर जाने की मजबूरी भी कम हुई है।
उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने के लिए मिलने वाला प्रोत्साहन लोगों की आजीविका मजबूत करने में मददगार साबित हो रहा है।
कंपनी में कार्यरत कुटाहची निवासी जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि घर के नजदीक रोजगार मिलने से उन्हें काफी सुविधा हुई है। यहां काम करते हुए उन्हें अपने कौशल को बेहतर बनाने का अवसर भी मिल रहा है। उन्होंने रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया।
वहीं, चच्योट निवासी गुंजन शर्मा ने कहा कि स्थानीय कंपनी में रोजगार मिलने से उन्हें काफी लाभ हुआ है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन और प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया।
किलिंग निवासी कमल शर्मा ने बताया कि रोजगार की तलाश में युवाओं को अक्सर घर से दूर जाना पड़ता है, लेकिन हिल थ्रिल एग्रो प्रोसेसर में काम मिलने से उन्हें अपने घर के पास ही रोजगार उपलब्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि ईपीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं कर्मचारियों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करने में मदद करती हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा
हिल थ्रिल एग्रो प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड की सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, उद्यमिता और रोजगार सृजन की एक प्रेरणादायक मिसाल है। चार दोस्तों की पहल से शुरू हुई यह इकाई आज स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत करने के साथ-साथ कृषि एवं बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण को भी बढ़ावा दे रही है।
प्रदेश सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं और उद्यमियों की पहल से इस तरह के उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हिल थ्रिल एग्रो प्रोसेसर की कहानी बताती है कि सही सोच, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और उचित सहयोग से गांवों में भी रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

