हिमाचल प्रदेश में प्रसव के दौरान नवजात की टांग टूटने का मामला सामने आया है, बच्चे के पिता ने डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं और इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की है, मामले में संबंधित पक्षों का जवाब और जांच की स्थिति सामने आने पर आगे की जानकारी स्पष्ट होगी।
सोलन – रजनीश ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के सोलन में डिलीवरी के दौरान नवजात बच्ची के पैर की हड्डी टूट गई। बच्ची के पिता विकास ने इस मामले में संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर जिम्मेदारी तय करने की अपील की है।
विकास के अनुसार, उन्होंने इस मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की है। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बच्ची के पिता ने संबंधित चिकित्सक को केवल स्थानांतरित करने के बजाय निलंबित करने और उनका मेडिकल लाइसेंस रद्द करने की मांग की है।
पिता ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल से मुलाकात की और आश्वासन दिया है कि कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उनकी बच्ची के भविष्य की भी जिम्मेदारी सरकार ले और डॉक्टर की पूरी जिम्मेदारी हो। विकास का आरोप है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में उन्होंने अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी सलाह ली है और ऑपरेशन के दौरान नवजात की हड्डी टूटने की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों और चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बच्ची के पिता ने कहा कि उनकी प्राथमिकता बेटी का सुरक्षित भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि बच्ची की चोट और उसके उपचार की स्थिति का विशेषज्ञों से आकलन करवाया जाए। साथ ही, भविष्य में इस चोट के कारण बच्ची के शारीरिक विकास पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाए।
फिलहाल, सोलन अस्पताल प्रबंधन मामले की जांच कर रहा है। पिता ने आरोप लगाया था कि जब उनकी पत्नी की डिलीवरी हो रही थी तो डॉक्टर ने बच्चे को टांग से बाहर खींचा। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने लापरवाही बरती है।
मां ने आरोप लगाया कि सिजेरियन डिलीवरी के दौरान डॉक्टर ने कहा था कि बच्चा घूम रहा है और उसे टांग से बाहर खींच कर निकालो. 10 अक्तूबर को यह केस सामने आया है और फिर बच्चे का इलाज आईजीएमसी शिमला में इलाज किया है। मां ने कहा कि अब कहा जा रहा है कि जन्मजात भी ऐसा हो सकता है लेकिन डॉक्टर ने लापरवाही की है।
सीएमओ राकेश कंवर के बोल
अस्पताल के सीएमओ राकेश कंवर ने कहा कि शिकायत मिली है और कमेटी बनाई गई है और फैक्ट फाइडिंग की जाएगी और आगे कार्रवाई की जाएगी।

