अब मिनटों में शिमला से रामपुर-किन्नौर का सफर! CM सुक्खू ने शुरू की हेलीकॉप्टर सेवा

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हिमाचल प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए शिमला से रामपुर और किन्नौर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई है, इस पहल से क्षेत्र में यात्रा और संपर्क सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

हिमखबर डेस्क

हिमाचल प्रदेश के दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने और पर्यटन को पंख लगाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को संजौली हैलीपोर्ट पर पहुंचकर रामपुर-रिकांगपिओ और शिमला के बीच बहुप्रतीक्षित हैलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ किया। यह पहल केंद्र की उड़ान योजना और राज्य की क्षेत्रीय कनैक्टिविटी नीति का संयुक्त परिणाम है।

पर्यटन और आपातकालीन परिवहन को मिलेगा बूस्ट

इस नई सेवा के शुरू होने से न केवल रामपुर और किन्नौर (रिकांगपिओ) के स्थानीय निवासियों को शिमला आने-जाने के लिए एक सुलभ और तेज वैकल्पिक साधन मिला है, बल्कि सड़क मार्ग की थका देने वाली लंबी यात्रा से भी निजात मिलेगी।

पर्यटन उद्योग के जानकारों का मानना है कि इस हवाई रूट से जनजातीय क्षेत्रों में हाई-एंड टूरिज्म (उच्च स्तरीय पर्यटन) को भारी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान इस सेवा का वायदा किया था, जिसे अब अमलीजामा पहना दिया गया है।

सप्ताह में 3 दिन उड़ान भरेगा हैलीकॉप्टर

परिवहन विभाग द्वारा जारी शैड्यूल के अनुसार यह हैलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में तीन दिन सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित की जाएगी। केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान 5.1 के तहत इन दुर्गम हवाई मार्गों का आबंटन हैरिटेज एविएशन और पवन हंस लिमिटेड को किया गया है। वर्तमान में हैरिटेज एविएशन शिमला-रिकांगपिओ, शिमला-कुल्लू-शिमला और चंडीगढ़-मंडी (वाया कुल्लू) मार्गों पर सेवाएं दे रहा है।

वीजीएफ का पूरा खर्च उठा रही राज्य सरकार

इस हवाई नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य सरकार बड़ा वित्तीय बोझ भी उठा रही है। पवन हंस लिमिटेड द्वारा संजौली और चंडीगढ़ के बीच सप्ताह में तीन दिन सेवा दी जा रही है। इसके अलावा, राज्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत हर हफ्ते 9 अतिरिक्त उड़ानें संचालित की जा रही हैं।

इन 9 उड़ानों को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग की पूरी राशि राज्य सरकार वहन कर रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अंतर वित्तपोषण पर राज्य सरकार प्रतिमाह लगभग 35.70 लाख रुपए खर्च कर रही है। सरकार के इस निवेश के चलते ही अब शिमला और चंडीगढ़ के बीच सप्ताह के 6 दिन हवाई संपर्क उपलब्ध हो सका है।

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