एशियन गेम्स की मेडल विजेता चंबा की एथलीट और उड़नपरी सीमा ने की सगाई, कौन हैं मंगेतर, कब होगी लव मैरिज?

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हिमाचल प्रदेश के चंबा की धाविका सीमा कुमारी ने मंडी जिले के बल्ह निवासी एथलीट अमन के साथ सगाई कर ली है, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों की शादी ओलंपिक के बाद होगी।

हिमखबर डेस्क

जापान में हाल ही में हुए एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक विजेता सीमा कुमारी शादी के बंधन में बंधने वाली हैं। उन्होंने 19 अक्तूबर को उन्होंने एथलीट अमन के साथ सगाई की। चंबा में एक निजी होटल में सगाई की रस्में पूरी की गई। सीमा ने खुद सोशल मीडिया पर अपनी सगाई की पुष्टि की और तस्वीरे शेयर की।

जानकारी के अनुसार, चंबा के चुराह की उड़नपरी सीमा की सगाई का कार्यक्रम सरोल में होटल में आयोजित किया गया। सीमा ने सोशल मीडिया पर प्रशंसकों को यह खुशखबरी दी। बताया जा रहा है कि मंडी जिले के सुंदरनगर के बल्ह के रहने वाले एथलीट अमन के साथ सगाई हुई है। 2028 में ओलंपिक के बाद दोनों शादी करेंगे। सीमा ने जैसे ही सगाई की फोटो अपने सोशल मीडिया पेज पर शेयर की तो लोगों ने बधाइयां दी।

सीमा के करियर में अहम योगदान देने वाले संजीव सुरी ने सगाई की फोटो शेयर करते हुए सीमा को बधाई और कहा कि उन्हें अपने नए सफर के लिए बधाई। सीमा ने भी लिखा कि एक नया सफर जिंदगी का, जिंदगी का एक महत्वपूर्ण निर्णय। चंबा के विधायक नीरज नीरज ने भी उन्हें बधाई संदेश लिखा। साथ ही सोशल मीडिया यूजर्स ने बधाई देते हुए लिखा कि अब उन्हें ओलंपिक में मेडल चाहिए।

कौन हैं सीमा के मंगेतर

मंडी के बल्ह के नागचला के अमन कुमार और सीमा की पहली मुलाकात करीब दस साल पहले धर्मशाला में एक खेल प्रतियोगिता के दौरान हुई थी। दोनों 10 साल से रिलेशन में थे। अमन एथलीट रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। फिलहाल वह धर्मशाला स्थित फोरेंसिक विभाग में सहायक वैज्ञानिक के पद पर तैनात हैं। अमन के पिता पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर हैं और वर्तमान में बैजनाथ में तैनात हैं।

सीमा ने खत्म किया 16 साल का सूखा

जापान में हुए एशियन खेलों में सीमा ने महिलाओं की 10,000 मीटर रेस में 16 साल बाद भारत को मेडल दिलाया था। सीमा ने 32:50.05 सेंकेड का समय निकालते हुए तीसरा स्थान हासिल किया था।

चंबा के चुराह के रेटा गांव की रहने वाली सीमा के पिता का निधन करीब 14 साल पहले हो गया था। मां ने ही छह भाई बहनों को पाला।सीमा जब सातवीं कक्षा में थी तो वह बेहतर ट्रेनिंग के लिए धर्मशाला के साई हॉस्टल चली गई थी। सीमा ने चंबा के दुर्गम रेटा गांव से सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने दौड़ की तैयारी की।

साल 2018 में वह खेलो इंडिया योजना से भी जुड़ीं। साल 2024 में हांगकांग में 17वीं एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में सीमा ने 10 हजार मीटर में स्वर्ण पदक जीता। विश्वएथलेटिक्स के रिकॉर्ड में चार बार की राष्ट्रीय चैंपियन, एशियन यूथ ओलंपिक की रजत पदक विजेता के रूप में सीमा का नाम दर्ज है।

एशियाड से पहले सीमा कुमारी ने इस साल 10 हजार मीटर में 32:02.43 का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया था। जो कि एथलेटिक्स फेडरेशन और वर्ल्ड एथलेटिक्स के रिकॉर्ड में यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ है।

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