मौसम विभाग ने जिला कांगड़ा में किया रेड अलर्ट जारी, उपायुक्त कांगड़ा ने लोगों से सचेत रहने की कि अपील
हिमखबर डेस्क
हिमाचल पर आज कुदरत मेहरबान रही। भले ही IMD ने कुछ जिलों में रेड अलर्ट जारी किया था, लेकिन प्रदेश में ये अलर्ट विफल हो गया।
प्रदेश के अधिकांश इलाकों में रुक रुक कर सिर्फ हल्की से मध्यम बारिश ही आज दर्ज की गई। हां एक दो जगह पर तस्वीरे थोड़ी डराने वाली थी। लाहौल घाटी में लगातार बारिश के बीच ज़ाहलमा नाले में अचानक बाढ़ आ गई।
बताया जा रहा है यहां बहाव की चपेट में अस्थायी सड़क आ गई, लेकिन कोई बड़े नुकसान की खबर नही हैं। दूसरी ओर चंबा के होली के कलाह नाला में अचानक जलस्तर बढ़ गया, जिसके चलते, बीच धारा में 3 मजदूर यहां फंस गए।
हालांकि समय रहते स्थानीय लोगों ने ही रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद रस्सियों की मदद से तीनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके अलावा बाकी जगह पर स्थिती सामान्य ही रही।
लेकिन जरा ठहरिए.. खतरा अभी टला नहीं हैं.. भले ही आज हिमाचल में भारी बारिश न हुई हो, लेकिन अलर्ट अभी भी बरकरार है।
मौसम विभाग ने 21 जुलाई के लिए राज्य के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों में रेड अलर्ट भी रहेगा।
यहीं नहीं प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, ऊना, सिरमौर, शिमला, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों के कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ आने का खतरा भी बना हुआ है, कई जगह जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
वहीं भारी बारिश के अलर्ट के चलते कांगड़ा, सिरमौर और मंडी में मंगलवार को भी स्कूल बंद रहेंगे। यहीं नहीं क्योंकि बारिश के कारण भूस्खलन, सड़कें बंद होने और यातायात प्रभावित होने का खतरा काफी बढ़ गया है। कई जगह विजिविलटी डाउन रह सकती है। ऐसे में सावधान रहना जरूरी है।
दूसरी ओर मद्देनजर अपने अपने स्तर पर जिला प्रशासन भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयारी कर चुका है। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में अलर्ट के चलते सभी विभागों के साथ समीक्षा बैठक की गई।
बैठक में जिला में जितनी भी आवश्यक सेवाएं हैं। उन्हें सुचारू रूप से चलने के निर्देश किए गए हैं साथ ही एनडीआरएफ और होम गार्ड की टीम को भी रेस्क्यू के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यही नहीं पौंग बांध के जल स्तर को लेकर भी लगातार निगरानी की जा रही है , आज दिन में पौंग बांध का जलस्तर लगभग 1321 फीट पर था और फ्लड गेट लेवल 1365 फीट पर है!
यानि कि स्थिती नियंत्रण में है लेकिन उसके बाबजूद निरंतर पौंग बांध के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। ताकी आपात स्थिती में बांध के आसपास रह रहे लोगों की सुरक्षा के पुख्त इंतजाम किए जा सके।
आपको बता दें कि अभी हिमाचल में 25 तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने वाला है। राहत बस इतनी है कि रेड अलर्ट टल जाएगा। लेकिन 22 जुलाई को भी 5 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
इस दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट दिया गया है, विभाग ने साफ कहा है कि अगले कुछ दिन सामान्य नहीं हैं और लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग के अनुसार चंबा, कांगड़ा, कुल्लू मंडी और सिरमौर में 21 जुलाई को बेहद भारी से अत्यधिक भारी बारिश का सबसे अधिक खतरा है।
वहीं शिमला, ऊना, और हमीरपुर में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट ही रहेगा।
हालांकि भारी बारिश होने पर खतरा थोड़ा बढ़ जाता है ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि नदियों, खड्डों और नालों के पास जाने से बचें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाएं, ट्रैकिंग और अनावश्यक यात्रा टालें तथा मौसम और प्रशासन की हर नई एडवाइजरी पर नजर बनाए रखें।
कुल मिलाकर, अगले कुछ दिन हिमाचल के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें और सुरक्षित रहें।
मौसम विभाग ने जिला कांगड़ा में किया रेड अलर्ट जारी, उपायुक्त कांगड़ा ने लोगों से सचेत रहने की कि अपील
मौसम विभाग द्वारा जिला कांगड़ा में आज और कल के लिए रेड अलर्ट जारी किया हुआ है, उसको लेकर जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। इसके चलते जिला के सभी शिक्षण संस्थानों को दो दिनों के लिए बन्द किया गया है।
जिला कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि आईएमडी रेड अलर्ट के चलते सभी विभागों के साथ समीक्षा बैठक की गई है!
उन्होंने कहा कि जिला में जितनी भी आवश्यक सेवाएं उन्हें सुचारू रूप से चलने के निर्देश किए गए हैं साथ ही एनडीआरएफ और होम गार्ड की टीम को भी रेस्क्यू के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

