हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार सुबह 11 बजे शिमला स्थित सचिवालय में शुरू हो गई। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में बैठक हो रही है।
बैठक में 50 से अधिक एजेंडा आइटम पर चर्चा होगी। सबसे बड़ी राहत बेरोजगारों और बागवानों को मिलने की उम्मीद है।
सरकार करीब एक हजार नए पदों पर भर्ती और सेब सहित अन्य फलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमआईएस) में बढ़ोतरी पर अंतिम मुहर लगा सकती है। सेब सीजन के बीच में प्रदेश के बागवानों के लिए यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है।
सरकार के तीन विभाग स्वास्थ्य, बागवानी व ग्रामीण विकास में करीब एक हजार पदों को भरने की मंजूरी प्राप्त हो सकती है।
इसके अतिरिक्त वन विभाग में सहायक वन रक्षकों की भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को भी इस बैठक में अंतिम रूप दिया जा सकता है, जिससे नई नियुक्तियों की राह आसान होगी।
मुख्यमंत्री की प्राथमिक स्वीकृति के बाद बागवानी विभाग की ओर से मंडी मध्यस्थता योजना (मार्केट इंटरवेंशन स्कीम) के नए नियम कैबिनेट के समक्ष रखे जाएंगे।
अब केवल पंजीकृत बागवानों से ही सेब की खरीद की जाएगी। विभाग के प्रस्ताव में एक बागवान से अधिकतम 30 बोरी सेब खरीदने की सिफारिश है, हालांकि सरकार जनहित में इस संख्या को बढ़ा भी सकती है।
पिछले वर्ष फलों के समर्थन मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की गई थी, लेकिन इस बार किसानों-बागवानों को राहत देने की तैयारी है।
वर्तमान में सेब और आम 12 रुपये प्रति किलो तथा नींबू प्रजाति के फल 10 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदे जा रहे हैं। कैबिनेट बैठक में इन दरों को बढ़ाने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

