हिमख़बर डेस्क
चौंतड़ा और जोगिंद्रनगर की दो पोस्ट आफिस ब्रांच में तैनात दोनों डाकिए खत बांटने में खता करने पर सस्पेंड कर दिया गया है।
पोस्ट आफिस इंस्पेक्टर संजय भारद्वाज ने गोलवां और जलपेहड में तैनात दोनों असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया है।
सस्पेंड किए गए एक डाकिए का हैड आफिस जोगिंद्रनगर और दूसरे का चौंतड़ा पोस्ट आफिस ब्रांच तय किया गया है। इस मामले में विभागीय जांच तेज कर दी गई है। सस्पेंड किए गए आरोपियों में मयंक और दीपक शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि दोनों कर्मचारियों ने करीब 200 खत अपने किराए के कमरे में डंप कर रखे थे। इसमें 20 से 30 रजिस्टर पोस्ट भी शामिल हैं।
डाक विभाग ने अब डिलीवर खतों को शनिवार के दिन आबंटित कर दिया है। इस मामले में दोनों ही आरोपी कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया है।
इस मामले में आरोपी कर्मचारियों के प्रारंभिक बयान भी कलमबद्ध कर लिए गए हैं और डाक से सबंधित जो रिपोर्ट दोनों ने अपने अधिकारियों को सौंपी हैं, उनकी भी जांच की जा रही है।
इस मामले में सबसे पहले किराए के कमरे में डाकिए की मस्ती के शिकार हुए पत्रों का ही वितरण करवाया गया है। खतों के ढेर पर मस्ती करने के मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट डाक विभाग के उच्च अधिकारियों को सोमवार को मंडी में सौंपा जाएगा और उसके बाद ही इस मामले की गहनता से जांच शुरू हो पाएगी।
पोस्ट आफिस इंस्पेक्टर संजय भारद्वाज के बोल
वहीं मंडी पोस्ट आफिस इंस्पेक्टर संजय भारद्वाज ने बताया कि आरोपी दोनों डाकिए सस्पेंड कर दिए गए हैं और मामले की जांच की जा रही है। डाक बांटने के मामले में कोताही बरतने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डाक अधीक्षक संजय कुमार के बोल
मंडी डाक अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि इस मामले की विभागीय जांच चल रही है। मामले में कोताही बरतने वालों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जाएगी।
मालिकों तक पहुंचाए खत
चौंतडा ब्रांच के पोस्ट मास्टर चंद्र प्रकाश ने बताया कि दो कर्मचारियों के कमरे से मिले अन डिलीवर खतों को उनके पते पर पंहुचा दिया गया है।
एक पत्र ही अभी ऐसा है जिसके मालिक ने पत्र पर दर्शाया पता बदल लिया है और अब उनके नए ठिकाने का पता मालूम नहीं हुआ है।
दोनों ने कबूला, नहीं बांटी डाक
दोनों ने कबूला नहीं बांटी है डाक गोलवां और जलपेहड ब्रांच में तैनात डाकिए ने प्रारंभिक जांच के दौरान डाक बांटने में लाहपरवाही बरतने की बात कबूल ली है।
दोनों ने ही कहा है कि डाक वितरण करने के सबंध में झूठी रिपोर्ट बनाकर आफिस में जमा करवाते रहे हैं।

