हिमखबर डेस्क
मणिकर्ण साहिब की पावन भूमि पर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर पूर्ण गुरु करौली शंकर दास जी महाराज ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने हेतु दृढ़ संकल्प लिया तथा साहिब के चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर उन्होंने मानव कल्याण, ध्यान साधना और आध्यात्मिक जागरण के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का संदेश दिया।
आध्यात्मिक चेतना से मिलेगी नशे को मात
मणिकर्ण साहिब पहुंचे महामंडलेश्वर करौली शंकर दास जी महाराज ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि आज पंजाब सहित देश के कई हिस्सों में नशा युवाओं की रगों में दौड़ रहा है, जो परिवारों के लिए एक गंभीर संकट बन चुका है।
महाराज जी का मानना है कि ऐसे कठिन समय में केवल आध्यात्मिक चेतना, प्रार्थना और ध्यान साधना ही मनुष्य को भीतर से इतना मजबूत बना सकती है कि वह नशे जैसी जानलेवा बुराइयों से खुद को दूर रख सके।
पंजाब में सजेगा निःशुल्क आनंद दरबार
पूरी दुनिया में “स्मृति महाविज्ञान” के प्रणेता के रूप में विख्यात महामंडलेश्वर करौली शंकर दास जी देश के विभिन्न हिस्सों में निःशुल्क “आनंद दरबार” का आयोजन करते हैं। इन दरबारों में आने वाले लाखों लोग प्रार्थना और संकल्प की शक्ति से मानसिक तनाव, भय, दुख और नशे से मुक्ति पा चुके हैं।
अब महाराज जी ने घोषणा की है कि नशा पीड़ित लोगों को नई जिंदगी देने के उद्देश्य से पंजाब में भी ऐसे विशेष आनंद दरबार आयोजित किए जाएंगे।
‘रोग, शोक और नशा मुक्त मानव’ है मुख्य विचारधारा
बाबा श्री चंद जी महाराज को अपना परम प्रेरणास्रोत मानने वाले महामंडलेश्वर जी की विचारधारा बेहद स्पष्ट और व्यापक है। उनका मूल मंत्र है “रोग मुक्त मानव, शोक मुक्त मानव, भय मुक्त मानव, भ्रम मुक्त मानव एवं नशा मुक्त मानव।”
उनके इसी जनकल्याणकारी संदेश के कारण देश-विदेश में उनके लाखों अनुयायी हैं। हाल ही में श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन द्वारा उनका महामंडलेश्वर पद पर भव्य पट्टाभिषेक किया गया है।
मणिकर्ण साहिब की पवित्र भूमि से पंजाब को नशा मुक्त करने के उनके इस भागीरथ प्रयास और आध्यात्मिक अभियान को समाज के हर वर्ग द्वारा एक बेहद सकारात्मक और उम्मीद भरी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

