हिमखबर डेस्क
उम्र 97 साल, लेकिन हौसला किसी युवा से कम नहीं। नगरोटा बगवां विकास खंड की झिकला हटवास पंचायत से उपप्रधान का चुनाव लड़ रहे परसराम कामरेड इन दिनों क्षेत्र में चर्चा विषय बने हैं।
उम्र के इस पड़ाव पर भले ही उनकी कमर थोड़ी झुक गई हो, लेकिन समाज को बदलने की सोच और सेवा का जज्बा आज भी मजबूत है। परस राम का कहना है कि नशा समाज के लिए सबसे बड़ा कलंक बन चुका है। युवा पीढ़ी तेजी से इसकी गिरफ्त में जा रही है। यही चिंता उन्हें इस उम्र में चुनाव मैदान तक ले आई।
नौ दशक पार करने के बाद भी वे बिना चश्मे के अखबार पढ़ लेते हैं, पूरी तरह सुनने में सक्षम हैं और खुद को स्वस्थ बताते हैं। वे अंग्रेजी भी समझ लेते हैं। जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को स्वयं पत्र लिखते हैं। परस राम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) से जुड़े हैं।
उनका कहना है कि यदि वे चुनाव जीतते हैं तो नशा निवारण अभियान चलाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही पंचायत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर गांव में निगरानी कैमरे लगाने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।
97 वर्षीय इस बुजुर्ग उम्मीदवार का जज्बा और समाज के प्रति समर्पण क्षेत्र में लोगों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।

