ज्यादा हो गए प्रत्याशी, दोबारा छपे मतपत्र, 10 से अधिक उम्मीदवार होने पर बदलने पड़े बैलेट पेपर

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हिमखबर डेस्क

प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के दौरान जिला परिषद के सात वार्डों में मतपत्र रद्द कर दोबारा छापने पड़े हैं। इसका मुख्य कारण इन वार्डों में 10 या उससे अधिक प्रत्याशियों का चुनाव मैदान में होना बताया गया है।

एक मतपत्र में केवल 10 चुनाव चिह्न शामिल किए जा सकते हैं, जिनमें एक नोटा का विकल्प भी होता है। ऐसे में प्रत्याशियों की संख्या बढऩे पर नए प्रारूप में मतपत्र तैयार करने पड़े। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चार जिलों के सात वार्ड ऐसे हैं, जहां प्रत्याशियों की संख्या 10 से अधिक पहुंच गई है।

इनमें बिलासपुर जिला के बड़ागांव वार्ड से 13 प्रत्याशी, चंबा के गैहरा से 11 और नैनी खड्ड से 12 प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं, कांगड़ा के कबाड़ी वार्ड में 10, शिमला के क्वार में 11 तथा मंडी जिले के भाडयाड़ा में 10 और बैहल वार्ड में सबसे अधिक 15 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।

प्रदेश भर में जिला परिषद सदस्य के 251 पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इनमें मंडी जिले के बैहल वार्ड में सबसे अधिक 15 उम्मीदवार मैदान में होने के कारण निर्वाचन विभाग को विशेष व्यवस्था करनी पड़ी।

प्रधान-उपप्रधान पदों के लिए भी बदले जा रहे मतपत्र

केवल जिला परिषद ही नहीं, बल्कि कई पंचायतों में प्रधान और उपप्रधान पदों के लिए भी 10 से अधिक उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे मामलों में भी दोबारा मतपत्र छापने की प्रक्रिया जारी है। निर्वाचन विभाग का कहना है कि सभी मतदान केंद्रों तक समय पर नए मतपत्र पहुंचाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।

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